पहले चरण से लेकर पांचवे चरण तक का मतदान प्रतिशत कम होता जा रहा है। क्या अंतिम चरण में यह बढ़ेगा?
काशी समेत पूर्वांचल की 18 सीटों पर वोटों की बारिश जनता के मिजाज का बैरोमीटर बनेगी। सोमवार को होने वाले आखिरी चरण के मतदान पर सभी सियासी दलों की नजरें लगी हुई हैं।
लोकतंत्र के महापर्व में मौसम की तपिश और सियासी गरमाहट के बीच इम्तिहान पूर्वांचल के वोटरों का भी है।
उनके सामने मतदान में फर्स्ट डिवीजन से पास होने की चुनौती है।
आखिरी चरण की 18 सीटों पर 1.27 करोड़ युवा और आठ लाख पहली बार के मतदाता बूथों की रौनक बढ़ा सकते हैं।
मतदान को लेकर युवा उत्साहित
प्रदेश में अब तक पांच चरणों में 62 सीटों पर मतदान हो चुका है। सोमवार को 18 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि पांच चरणों के वोटिंग पैटर्न का रुझान काशी और पूर्वांचल के मतदान में भी दिखेगा।
राजनीतिशास्त्री डॉ. एसके द्विवेदी मानते हैं कि वोटिंग का घटना-बढ़ना पूर्वांचल के सियासी बैरोमीटर का काम करेगा। हालांकि यह सर्वमान्य फिनोमना नहीं है लेकिन फिर भी बढ़ा मतदान आमतौर पर बदलाव के लिए होता है।
काशी की गरमाहट भी पूर्वी यूपी की बाकी सीटों पर असर दिखाएगी। काशी में बेनियाबाग के मो. आदिल हों या बीएचयू की कृतिका, दोनों का कहना है कि मतदान को लेकर युवा वर्ग उत्साहित है।
इस बार वे पिछली वोटिंग का रिकॉर्ड तोड़ेंगे। गौरतलब है कि पूर्वांचल की 18 सीटों पर 2009 में केवल 48.17 फीसदी मतदान हुआ था। काशी में केवल 43.13 फीसदी वोटर ही बूथों तक पहुंच सके थे।
क्या पूर्वांचल में टूटेगा रिकॉर्ड
अब तक हर चरण में मतदान प्रतिशत गिर रहा है। सवाल यह है कि काशी और पूर्वांचल के वोटर क्या गिरते मतदान को रोकेंगे ? क्या वे पहले चरणों से ज्यादा वोट डालेंगे ? अब तक प्रदेश की 62 लोकसभा सीटों पर औसतन 59.35 फीसदी वोट पड़े हैं।
सबसे ज्यादा 64.38 फीसदी मतदान पहले चरण में वेस्ट यूपी की दस सीटों पर हुआ था। दूसरे चरण में 61.94, तीसरे चरण में 59.96, चौथे चरण में 58.58 और पांचवें चरण में 57.90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
किस चरण में कितना मतदान
चरण-सीट-मतदान
प्रथम-10-64.38
दूसरा-11-61.94
तीसरा-12-59.96
चौथा-14-58.58
पांचवां-15-57.90
कुल-62-59.35
काशी में हो सकता है रिकॉर्ड मतदान
लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसके द्विवेदी लोकसभा चुनाव में वोटिंग और मतदाताओं के रुझान पर खास नजर रखे हुए हैं।
उनका आकलन है कि अंतिम चरण में इस बार वाराणसी में रिकॉर्ड मतदान होगा। वह कहते हैं, मोदी और केजरीवाल के आने से काशी में राजनीतिक हलचल बढ़ी हुई है।
रोड शो में जिस तरह से शक्ति प्रदर्शन हुआ है, उसकी अभिव्यक्ति ज्यादा वोटिंग के रूप में सामने आएगी। उन्हें लगता है कि गर्मी के बावजूद काशी में मतदान 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
पिछलों चरणों के रुझान और राजनीतिक हालात को देखते हुए आजमगढ़ और पूर्वांचल की अन्य सीटों पर भी पिछले सालों से औसतन 8 से 12 फीसदी ज्यादा मतदान का अनुमान है।
2009 में इतने प्रतिशत हुआ
वाराणसी-43.13
डुमरियागंज-49.15
महाराजगंज-55.63
गोरखपुर-44.63
कुशीनगर-50.78
देवरिया-45.24
बांसगांव-39.38
लालगंज-43.70
आजमगढ़-44.68
घोसी-44.14
सलेमपुर-40.69
बलिया-40.50
जौनपुर-45.99
मछलीशहर-41.06
गाजीपुर-50.57
चंदौली-46.40
मिर्जापुर-52.31
राबर्ट्सगंज-48.55