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यूपी के 1800 'नवाबों' को 'वसीका' देंगे मोदी?

Tue, 17 Jun 2014 04:35 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह के गृहमंत्री बनने से अवध के नवाबों में एक बार फिर वसीका पाने की उम्मीद जग गई है।
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लखनऊ से राजनाथ सिंह के केंद्रीय मंत्री बनने पर यहां के नवाबों में इसे लेकर एक आस जगी है और उनकी यह मांग तेज हो चली है कि वसीका यानी पेंश्ान की रकम बढ़ाई जाए।

दरअसल, अवध के नवाब परिवारों के लिए वसीका देने की व्यवस्था नवाब असाफुद्दौला की मां बहू बेगम ने शुरू की थी। यह उनके रिश्तेदारों, वंश के लोगों और उनके खास नौकरों को दी जाती थी।
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वसीका देने की परंपरा ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी जारी रखी। आजादी के बाद यह जिम्मेदारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आ गई।

पेंशन की रकम हुई कम, लेने वाले बढ़े

वसीका में चांदी के सिक्के दिए जाते थे, जिसकी कीमत बहुत ज्यादा होती थी। हालांकि, बाद में चांदी के बदले रुपए दिए जाने से इसकी कीमत में गिरावट आ गई।

लखनवी इ‌तिहास पर किताब लिखने वाले रवि भट्ट ने बताया, 1850 में चांदी के सिक्कों को अलग-अलग वसीका का नाम देकर लोगों को दिया गया था, जिसकी रकम 10 लाख रुपए होती थी। उस वक्त यह कुल 168 लोगों में दी गई थी, लेकिन आज तस्वीर कुछ और ही है।

वह कहते हैं, आज वसीका के 1800 लोग हकदार हैं और अगर चांदी के सिक्के की जगह रुपए की बात करें तो इसकी कीमत 22000 रुपए होती है, यानी राशि कम और हकदार ज्यादा।

नतीजतन 500 वसीका पाने वालों की पेंशन की कीमत 10 रुपए से भी कम हो गई है।

नवाबों का दल राजनाथ से करेगा मुलाकात

रॉयल फैमिली ऑफ अवध के सचिव शिकोह आजाद का कहना है कि चांदी के सिक्कों की जगह रुपए दिए जाने से इस स्कीम का कोई औचित्‍य ही नहीं रह जाता है।

शिकोह मांग करते हैं कि सरकार वसीका की राशि को 100 गुना बढ़ा दे। वह कहते हैं, राजनाथ सिंह ने वसीका को रिवाइज करने का वादा किया था और अब वह गृहमंत्री भी हैं।

शिकोह बताते हैं कि अगले हफ्ते उनकी ओर एक समूह यह प्रस्ताव लेकर राजनाथ सिंह से मिलने भी जाएगा।
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नवाबों की मांग, गठित हो एक आयोग

इस प्रस्ताव में राजनाथ सिंह से ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नवाबों को दिए गए सेविंग सर्टिफिकेट्स और लोन पर अब तक हुई सरकार की कार्रवाई पर भी बात होगी।

नवाबी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सफदर नवाब का कहना है, अब से 200 साल पहले ‌कंपनी को दिए जाने वाले लोन की कीमत 198.33 करोड़ और सर्टिफिकेट्स की 88.9 लाख थी। हम जानना चाहते हैं कि आखिर सरकार ने इस मसले पर पिछले 66 सालों में क्या किया।

इसके अलावा, अवध के नवाब एक आयोग के गठन की भी मांग करते हैं। रॉयल फैमिली ऑफ अवध के प्रेसीडेंट नवाब इब्राहिम अली खान का कहना है कि मोदी सरकार इस पर एक आयोग ‌गठित करे और मसले के सभी पहलुओं पर स्टडी करे।
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