भाजयुमो नेता प्रत्यूषमणि त्रिपाठी की हत्या के आरोप में उनके पांच समर्थकों की गिरफ्तारी का पता चलते ही पत्नी ने खुलासे को फर्जी करार दे डाला। मीडिया से कहा कि पुलिस की पड़ताल पर यकीन नहीं है। सीबीसीआईडी से जांच न कराए जाने पर भाजपा कार्यालय के सामने धरना देंगी। इससे पहले पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से तहकीकात करने के लिए उन्हें बुलाया, लेकिन बीमारी की बात कहकर टाल दिया था।
प्रत्यूषमणि त्रिपाठी की पत्नी प्रतिमा त्रिपाठी ने मीडियाकर्मियों को कैसरबाग के मॉडल हाउस के मोहल्ला तालाब गगनी शुक्ल बुलाकर हत्या के खुलासे को फर्जी बताया। सवाल किया कि प्रत्यूष खुद पर हमला क्यों कराते। पुलिस अगर उन्हें 25 नवंबर को हुई वारदात के बाद सुरक्षा देती तो जान बच जाती। कहा कि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने हत्याकांड की सीबीसीआईडी जांच का आश्वासन दिया था। इस बीच पुलिस ने खुलासा कर डाला।
ऐसा नहीं लगता कि प्रत्यूष के कहने पर उनके दोस्तों ने हमला किया होगा। पुलिस ने साजिश की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी घालमेल कराने का संदेह है। जांच जल्द ही सीबीसीआईडी को न सौंपी गई तो वह परिवार के साथ भाजपा कार्यालय के सामने धरना देंगी।
उधर, अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि पुख्ता जानकारी हाथ लगने पर अनिल कुमार राणा, आशीष अवस्थी, महेंद्र गुप्ता, प्रभात कुमार उर्फ ऋषि सिंह और अमित अवस्थी को गिरफ्तार किया गया। वीडियो कैमरे के सामने पूछताछ में सच उजागर होने पर प्रत्यूष की पत्नी प्रतिमा त्रिपाठी को खुलासे की जानकारी दी गई और आरोपियों से तसल्ली से तहकीकात करने के लिए आमंत्रित किया गया, लेकिन उन्होंने पांचों आरोपियों से कोई सवाल करने के लिए जाने से इन्कार कर दिया। इस बीच पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य एकत्र करके उन्हें सही खुलासे की जानकारी दी।