डीसीपी ने बताया कि हिमांशु और दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी रिश्तेदार पायल की 2018 में लव मैरिज हुई थी। छानबीन में पुलिस को पता चला कि पायल बहुत ही महत्वाकांक्षी थी। पति हिमांशु उसके सारे शौक पूरे नहीं कर पा रहा था। इस बीच पायल बड़ी बहन के देवर नगर निगम में क्लर्क आयुष के संपर्क में आ गई। आयुष उस पर दिल खोलकर रुपये खर्च करने लगा। उसने पायल को ग्रेजुएशन और एयर होस्टेज का कोर्स कराया साथ ही पायल की सारी हाईफाई शौक भी आयुष पूरा करता था। इस तरह दोनों के बीच नजदीकियां हो गईं। आयुष पायल से शादी करना चाह रहा था, पर पायल पति के जीवित रहते हुए शादी के लिए राजी नहीं थी। कुछ वक्त पहले आयुष ने पायल के पति की गोली मारकर हत्या करने की बात कही तो पायल ने बवाल हो जाने की बात कहते हुए इसके लिए मना कर दिया।
नशीली गोलियां भी पत्नी ने दी थीं
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पायल और प्रेमी आयुष हिमांशु को जान से मारने के लिए अक्सर उसको नशीली गोलियां देते थे, पर हिमांशु को कुछ नहीं हुआ। हिमांशु और आयुष के बीच दोस्ती भी थी। आयुष ने हिमांशु को 20 हजार रुपये उधार भी दिए थे। साजिश के तहत 21 जनवरी को पायल ने प्रेमी आयुष से 3500 रुपये लेकर पति हिमांशु को दिए और आयुष को जाकर रुपये देने के लिए कहा। साजिश से अनजान हिमांशु रुपये लेकर हनुमंत धाम आयुष से मिलने पहुंचा। वहां पर हिमांशु और जैकी मिले। इसके बाद आयुष हिमांशु को साथ नदी के पास दीया जलाने के बहाने ले गया और दीया जलाते वक्त आरोपी आयुष ने हिमांशु को नदी में धक्का दे दिया। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस उस पर काम कर रही है।