कोरोना संक्रमण के केस कम होने के साथ ही धीरे-धीरे इलाज की गाड़ी पटरी पर आ रही है। केजीएमयू में शनिवार को एक बार फिर से प्रत्यारोपण की शुरुआत हो गई। संस्थान के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में मैक्स अस्पताल के सहयोग से देर शाम तक अंग प्रत्यारोपण किया गया।
45 वर्षीय पुरुष का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। लखनऊ निवासी मरीज को उसकी पत्नी ने लिवर दान दिया है। करीब 10 दिन पहले मरीज को संस्थान में भर्ती किया गया था। 13 घंटे से अधिक समय तक उसकी सर्जरी की गई। केजीएमयू ने अंग प्रत्यारोपण की शुरुआत करके बड़ी सफलता हासिल की थी। इसके बाद संस्थान में प्रत्यारोपण के लिए काफी लंबी वेटिंग थी।
कोरोना संक्रमण से पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था। संस्थान महीने में एक से दो प्रत्यारोपण का लक्ष्य लेकर चल रहा था। कोरोना संक्रमण ने इलाज को बुरी तरह प्रभावित किया। अंग प्रत्यारोपण भी इससे अछूता नहीं रहा। नतीजा यह हुआ कि पूरे संक्रमण काल में एक भी अंग प्रत्यारोपण नहीं हुआ। करीब 15 महीने बाद एक बार फिर से अंग प्रत्यारोपण की शुरुआत की गई। मरीज और डोनर दोनों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। देर रात तक उनके बारे में कोई सूचना जारी नहीं की गई।
इससे पहले हो चुके हैं 12 प्रत्यारोपण
केजीएमयू में अंग प्रत्यारोपण का यह 13वां मामला था। संस्थान में इससे पहले 12 अंग प्रत्यारोपण हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद एक बार फिर इसमें तेजी आने की उम्मीद है। केजीएमयू में अंग प्रत्यारोपण शुरू होने पर मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों या फिर अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
संस्थान मरीजों के इलाज के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। कोरोना संक्रमण काल में डॉक्टर और यहां के स्टाफ ने सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज किया है। संक्रमण कम होने पर अब अंग प्रत्यारोपण की शुरुआत भी कर दी गई है।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू