लखनऊ। पीजीआई स्थित शहीद पथ सर्विस लाइन पर गैस डिलीवरी बॉय प्रदीप सिंह की हत्या उसकी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी रामतीर्थ मौर्य ने मिलकर की। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि अवैध संबंधों के चलते प्रदीप को मौत के घाट उतारा गया।
पीजीआई इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रदीप सिंह मूल रूप से कानपुर देहात के रूरा अमौली ठाकुरान का रहने वाला था और कमता स्थित गैस एजेंसी में काम करता था। उसकी पत्नी पूजा सिंह पीजीआई इलाके के निजी अस्पताल में अटेंडेंट थी। पूजा पिछले नवंबर से एक मकान में किराये पर रह रही थी। वहां उसका संपर्क उसी मकान में रहने वाले अमेठी निवासी रामतीर्थ मौर्य से हुआ। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और यह प्रेम-प्रसंग में बदल गई। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन प्रदीप के जीवित रहते यह संभव नहीं था। इसी कारण उन्होंने प्रदीप की हत्या की साजिश रची।
जांच में सामने आया कि दो दिन पहले प्रदीप गांव गया था और मंगलवार रात को लौटा था। पूजा ने सुबह प्रेमी रामतीर्थ को प्रदीप के लौटने की सूचना दे दी थी। हत्या की रात रामतीर्थ प्रदीप को शराब पिलाने के बहाने साथ ले गया और उसे जमकर शराब पिलाई। लौटते समय शहीद पथ सर्विस लेन के पास प्रदीप ने पेशाब करने के लिए बाइक रोकी। जैसे ही वह वापस बाइक पर बैठे, रामतीर्थ ने चाकू से उनका गला रेत दिया।
प्रदीप के पिता लखन की तहरीर पर पूजा व रामतीर्थ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी रामतीर्थ की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
शराब की लत बनी पति-पत्नी में दूरियों की वजह
पूजा ने बताया कि उसने अपने पति की शराब छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। इसी वजह से दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। इस बीच उसके संबंध रामतीर्थ से हो गए। प्रदीप व पूजा का विवाह वर्ष 2015 में हुआ था। पूजा मूल रूप से रायबरेली के पड़ीरा कला की रहने वाली है। उसके तीन बच्चे तान्या (9), पीहू (6) और रुद्र (4) गांव में दादा-दादी के साथ रहते हैं। आरोपी रामतीर्थ की पत्नी और बच्चा भी गांव में रहते हैं। वह लोगों के खेत व बाग में कीटनाशक छिड़कने का काम करता है।
आरोपी पूजा व रामतीर्थ।