प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि भर्ती बोर्ड चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आता। भर्ती प्रक्रिया पूर्व में शुरू हो चुकी है। ऐसे में न तो लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करने में चुनाव आयोग की वजह से कोई बाधा है और न ही दस्तावेजों का सत्यापन कराने और शारीरिक मानक परीक्षण कराने में। ऐसे में प्रशिक्षण की चुनौती ही बोर्ड और पुलिस महकमे के लिए बड़ा सिरदर्द है।