मेट्रो रेल निर्माण कार्य में मदद करने वाली संस्था की तेजी से तलाश शुरू कर दी गई है।
फिलहाल इसके लिए अर्ध सरकारी कंपनी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) सबसे आगे चल रही है।
उसे ही काम सौंपे जाने की तैयारी है। कंपनी दुनिया के 55 से अधिक देशों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मदद कर चुकी है। यह कंपनी भारतीय रेलवे के अंतर्गत काम कर रही है।
लखनऊ मेट्रो के लिए बनाई गई हाईपावर कमेटी के समक्ष इस कंपनी को अंतरिम कंसल्टेंट बनाए जाने को लेकर विचार किया गया है।
बहुत जल्द ही कंपनी के फाइनल किए जाने की उम्मीद की जा रही है। एलएमआरसी का गठन किए जाने के बाद मेट्रो के तमाम शुरुआती कागजी कार्य कंसल्टेंट की मदद से किए जाएंगे।
डॉक्यूमेंटेशन के काम के लिए अंतरिम कंसल्टेंट के रूप में केंद्र सरकार की संस्था राइट्स के चुने जाने की उम्मीद है।
मेट्रो सेल की ओर से इस आशय का प्रस्ताव लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के समक्ष रखा गया है। राइट्स के बारे में कहा जा रहा है कि वह इस काम को लेकर विशेषज्ञ संस्था है।
दुनिया भर में राइट्स का नाम
राइट्स ने इस तरह की कंसल्टेंसी का काम दुनिया के 55 से अधिक देशों में किया है। इस अर्धसरकारी कंपनी का मुख्यालय गुड़गांव में है।
अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, एशिया के अनेक देशों की बड़ी ढांचागत परियोजनाओं में राइट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इन परियोजनाओं में मेट्रो, रेल नेटवर्क, ट्रांसपोर्टेशन जैसे काम शामिल हैं और कंपनी ने वहां की सरकारों को मदद की है।