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कौन हैं अपर्णा: विदेश से की पढ़ाई...ऐसे शुरू हुई भाजपा से नजदीकियां, 2022 में सपा का दामन छोड़ चर्चा में आईं

Mon, 19 Jan 2026 01:50 PM IST
आकाश द्विवेदी डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव एक बार फिर चर्चा में हैं। सपा छोड़कर 2022 में भाजपा में शामिल हुईं अपर्णा का राजनीतिक सफर, पारिवारिक विवाद और सार्वजनिक जीवन सुर्खियों में है।

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अपर्णा यादव - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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यूपी के राजनीति गलियार से एक बड़ी खबर सुर्खियों में हैं। वजह है कि अखिलेश के भाई प्रतीक का इंस्टाग्राम पर पोस्ट। जिसमें उन्होंने लिखा-'स्वार्थी महिला ने परिवार बर्बाद कर दिया। मेरी दिमागी हालत खराब कर दी। अपर्णा परिवार के प्रति संवेदनहीन हैं। सिर्फ खुद की प्रसिद्धि और प्रभाव बढ़ाने में लगी हुई है।'

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हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसको लेकर सोशल मीडिया यूजर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि किसी ने प्रतीक का अकाउंट हैक कर लिया है। जनवरी-2022 में अपर्णा ने सपा को छोड़कर भाजपा की सदस्या का ग्रहण कर ली थी।

इस पर सपा ने भाजपा पर उन्हें इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था, जबकि भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाया थ। आइए जानते हैं अपर्णा के सफर के बारे में हैं...वो कब? यूपी की राजनीति में सक्रिय हुई हैं। कैसे महिला अयोग की उपाध्यक्ष बनीं। पढ़ें पूरी स्टोरी...

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अपर्णा यादव और प्रतीक लेंगे तलाक! - फोटो : @iamprateekyadav insta/अमर उजाला

पढ़िए प्रतीक की पूरी पोस्ट

'मैं इस स्वार्थी औरत से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद कर दिए। इसका एकमात्र लक्ष्य है मशहूर और प्रभावशाली बनना। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है। इसे कोई परवाह नहीं। इसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी। मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की।'

अपर्णा की शादी 2011 में शादी हुई थी

अपर्णा यादव और प्रतीक की शादी 2011 में सैफई में हुई थी। शादी में लाखों मेहमान शामिल हुए थे। शादी समारोह में मुलायम सिंह यादव तो थे ही, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी पहुंचे थे। बता दें कि दोनों की प्रेम कहानी 2001 में शुरू हुई थी, जब उन्होंने एक बर्थडे पार्टी में ई-मेल एक्सचेंज के जरिए बात शुरू की। करीब सात से आठ साल बाद दोनों की शादी हुई। उनकी दोनों बेटियां हैं। 

आजमगढ़ में प्रचार करेंगी अर्पणा यादव। - फोटो : अमर उजाला

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने दिलाई थी भाजपा की सदस्यता

अपर्णा यादव को तत्कालीन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता दिलाई गई थी। उस वक्त अपर्णा ने कहा था कि वह मुख्यमंत्री योगी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से बेहद प्रभावित रही हैं। आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी तय करेगी वह उसे निभाएंगी। 

अपर्णा-2022 विधानसभा चुनाव में लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से भाजपा का टिकट भी मांग रही थीं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। हालांकि बाद में उनको महिला आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया। 

जनवरी 2022 में ली थी भाजपा की सदस्यता - फोटो : ANI

एक जनवरी-1990 को हुआ था जन्म

अपर्णा का जन्म एक जनवरी 1990 को हुआ था। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक मीडिया कंपनी में थे। सपा की सरकार में वह सूचना आयुक्त भी रहे। अपर्णा की मां अंबी बिस्ट अधिकारी हैं। अपर्णा की स्कूली पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से हुई है।

जानें कब-कब चर्चा में रहीं अपर्णा

  • 2016-2017: अपर्णा ने कहा था-हम अच्छे परिवार से हैं, आरक्षण की जरूरत नहीं
  • जनवरी 2022: सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं। सपा ने उन्हें इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाया।
  • 9 जनवरी 2026: अपर्णा पर समर्थकों के साथ KGMU पहुंचने का आरोप लगा था, VC चैंबर में हंगामा हुआ था।  
  • 19 जनवरी 2026: पति प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हो रही
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अपर्णा यादव की प्रतीक के साथ की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

प्रतीक यादव कौन हैं

प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं। वह अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। प्रतीक राजनीति में नहीं हैं, बल्कि अपने बिजनेस और निजी जीवन को लेकर ज्यादा पहचाने जाते हैं। 
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