प्रदेश में हर जरूरतमंद को अनाज मिलेगा। चाहे उसके पास राशन कार्ड हो या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जरूरतमंद और पात्र लोगों को राशन कार्ड दिए जाने के निर्देश दिए हैं। राज्य में आने वाले सभी प्रवासी कामगारों और श्रमिकों को राशन कार्ड की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने आगरा, मेरठ और कानपुर नगर में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए। सीएम ने अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी जरूरतमंद के पास राशन कार्ड न होने पर भी उसे अनाज दिया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि किसी को भी भोजन या खाद्यान्न की समस्या न होने पाए।
उन्होंने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए सभी ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में वॉर्ड स्तर पर बेहतर सर्विलांस के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए। निगरानी समितियां होम क्वारंटीन की अवधि में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों पर निगाह रखने (सर्विलांस) का काम करेंगी। अगर कोई व्यक्ति बाहर से चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आए तो निगरानी समिति तत्काल प्रशासन को सूचित करें। बाद में निगरानी समितियां पौधरोपण और खाद्यान्न वितरण में भी उपयोगी भूमिका निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टेस्टिंग और ट्रेनिंग पर विशेष बल दिया जाए। योगी ने बरसात के मौसम में होने वाले संचारी रोगों की रोकथाम के लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचारी रोगों की रोकथाम संबंधी अंतर्विभागीय बैठक का आयोजन इसी सप्ताह कराया जाए।
माइनिंग गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश
सीएम ने कहा कि क्वारंटीन सेंटर और आश्रय स्थलों पर प्रवासी कामगारों व श्रमिकों के नाम, पता, टेलीफोन व दक्षता संबंधी ब्यौरा और स्किल मैपिंग का कार्य लगातार जारी रखा जाए। कोविड-19 के कारण प्रभावित हुईं आर्थिक गतिविधियों को बहाल करना आवश्यक है। राजस्व वृद्धि के लिहाज से माइनिंग गतिविधियों में तेजी लाई जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों के बाहर हार्डवेयर की दुकानों को खोलने की भी अनुमति दी जाए।
190 ट्रेनों के लिए दी अनुमति
अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कि देश में सबसे अधिक प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। 233 ट्रेनों के माध्यम से लगभग 2,81,400 से अधिक प्रवासी कामगार और श्रमिक आए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 44 रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 190 और ट्रेनों की अनुमति दी गई है। इनके माध्यम से 2,24,000 से अधिक श्रमिक आ सकेंगे।