लखनऊ। बसंतकुंज योजना में जिस 65 एकड़ जमीन पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया गया है, उसमें आईआईएम रोड की 32 एकड़ जमीन कूड़े से पटी रहती थी। कूड़े के पहाड़ को हटाकर इसे विकसित किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन का यह बेहतर उदाहरण है। बृहस्पतिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने ये बातें कहीं।
मंत्री ने यह भी बताया कि वे इसलिए यहां आए हैं, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि इलाके में अब तो कहीं कूड़ा रह गया है, ताकि उसे आयोजन से पहले हटवाया जा सके। मंत्री ने कहा कि बसंतकुंज योजना से लगी 32 एकड़ जमीन पर घैला डंपिंग मैदान था। इस पर करीब साढ़े छह लाख मीट्रिक टन कूड़ा पड़ा था। उसकी बदबू आसपास के इलाके में फैली रहती थी। लोग इधर से गुजरना पसंद नहीं करते थे। कूड़े के कारण पर्यावरण, भू-जल और आसपास के निवासियों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा था। इसे देखते हुए डंपिंग मैदान को बंद कर कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया गया और आज उसी स्थान पर भव्य स्थल बनकर तैयार है, जहां अब लोग आना चाहते हैं। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी साथ रहे।
स्वच्छता तक सीमित नहीं परियोजना
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना स्वच्छता तक सीमित नहीं है। यह पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और नगर के सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है। लोकार्पण से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएं। स्थल को आमजन के लिए अधिक आकर्षक, उपयोगी और प्रेरणादायक बनाया जाए। ऐसे परियोजनाएं अन्य शहरों के लिए भी मॉडल के रूप में प्रस्तुत की जानी चाहिए।
150 करोड़ के फंड से होगा रखरखाव
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के रखरखाव में समस्या न आए, इसके लिए 150 करोड़ रुपये का कार्पस फंड बनाया जा रहा है। एलडीए की ओर से शासन को इसका प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। जो पैसा आएगा, वह बैंक में जमा होगा। उसका ब्याज रखरखाव पर खर्च होगा। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि कार्पस फंड के जरिये रखरखाव की व्यवस्था जनेश्वर मिश्र पार्क सहित कई बड़े पार्कों में चल रही है।