सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि जिस चार लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए दो-दो बार भूमि पूजन कराए, वह निवेश कहां है? सरकार कोविड महामारी से निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। न अस्पतालों में व्यवस्थाएं हैं और न ही कानून का राज बाकी बचा है।
अखिलेश मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और बदायूं से पांच बार सांसद रहे सलीम शेरवानी समेत दर्जनों नेताओं के सपा में शामिल होने के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस समय कोविड 19 महामारी से लड़ रही है लेकिन प्रदेश सरकार को इसकी फिक्र नहीं है। इस महामारी से बड़ी संख्या में लोग मर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री, विधायक, अधिकारी और पत्रकार तक की जान जा चुकी है। भाजपा ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन यहां किसानों की पैदावार की लूट हो रही है। इस सरकार को हटाने के लिए लोग लगातार सपा के साथ जुड़ रहे हैं।
इस अवसर पर अंबेडकरनगर से बसपा सांसद रहे त्रिभुवन दत्त, हापुड़ के धौलाना से बसपा विधायक असलम चौधरी की पत्नी नसीम बेगम, हरदोई के शाहाबाद से बसपा के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू, शाहाबाद नगर पंचायत अध्यक्षा नसरीन बानो, हरपालपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमेलश पाठक, बुलंदशहर की सिकंदराबाद सीट से बसपा के प्रत्याशी रहे सलीम अख्तर, कानपुर देहात से भाजपा विधायक के भाई कैप्टन इंद्रपाल सिंह, महराजगंज के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभु दयाल चौहान और मुरादाबाद के रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी बीके सैनी सपा में शामिल हुए।
ऐसे प्रदेश में न जाने कितने घर ढह जाएंगे
माफियाओं के मकान गिराए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पुश्तैनी मकानों पर बुल्डोजर चला रही है। हमसे ज्यादा इस सरकार को कौन समझेगा, जिसे हलफनामा देना पड़ा कि हम अपना घर नहीं बनवा सकते। उन्होंने कहा कि इस तरह से पुश्तैनी मकानों पर बुल्डोजर चलेगा तो प्रदेश के बहुत से मकान जो बिना नक्शा पास कराए बने हैं, ढह जाएंगे। सरकार को चेक करना चाहिए कि मुख्यमंत्री आवास का नक्शा पास है या नहीं।