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Lucknow News: आखिर कहां है टैगोर लाइब्रेरी की अलमारी में बंद सिक्कों का रिकॉर्ड

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी की अलमारी में काफी पुराने बेशकीमती सिक्के रखे हुए थे, जिसकी चर्चा लंबे समय से अंदरखाने में चल रही थी। एक बार फिर से मामला प्रकाश में आने के बाद लखनऊ विवि प्रशासन की नींद टूटी है और इसे मामले को सुलझाने के लिए कुलपति ने आनन-फानन एक कमेटी भी गठित कर दी है। ...लेकिन अहम सवाल यह है कि अलमारी खोलने के बाद अगर सिक्के मिल भी गए तो यह पता कैसे चलेगा कि सिक्कों की संख्या पूरी है या उनमें से सिक्के गायब नहीं हैं। क्योंकि इस बात का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है कि किस धातु के कितने सिक्के अलमारी में थे। कुलपति ने बुधवार को टैगोर लाइब्रेरी का निरीक्षण भी किया।
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टैगोेर लाइब्रेरी में अलमारी की सील कब टूटी, कैसे टूटी, किसने तोड़ी... ये कुछ ऐसे सवाल हैं कि जिसके जवाब किसी के पास नहीं हैं। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने भी यह बात मानी है कि अलमारी की सील टूटी होने से छेड़छाड़ की आशंका है। उन्होंने इसके लिए एक जांच समिति भी बनाई है जिसका अध्यक्ष डीन आर्ट्स प्रो. अरविंद मोहन को बनाया गया है। इस कमेटी में प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी, डिप्टी रजिस्ट्रार महेश चंद्र, निर्माण अधीक्षक प्रो. विनीत वर्मा ऑनरेरी लाइब्रेरियन प्रो. रोली मिश्रा और डिप्टी लाइब्रेरियन ज्योति मिश्रा भी शामिल हैं। बुधवार को कुलपति टैगोर लाइब्रेरी पहुंचे। हालांकि विवि की ओर से जारी विज्ञप्ति में तो यही बताया गया कि कुलपति ने लाइब्रेरी के सभी जिम्मेदारों को साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही लाइब्रेरी की इंटरनेट स्पीड पाठकों के लिए बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। थीसिस रूम की छत की सीमेंटिंग, स्क्रैप प्रबंधन, पुस्तकों का संरक्षण, साइबर लाइब्रेरी में एसी से संबंधित आवश्यक कार्य कराने तथा सुरक्षा मानकों के तहत फायर-रेसिस्टेंट डोर स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।

जांच कमेटी के सामने होंगे ये अहम सवाल
- टैगोर लाइब्रेरी में अलमारी की सील कैसे और कब टूटी
- सिक्के अलमारी में हैं या नहीं और अगर हैं तो किस धातु के
- सिक्के अलमारी से अगर गायब हुए तो इसका निर्णय कैसे होगा
- अलमारी में रखे तथाकथित सिक्कों का रिकॉर्ड जिस रजिस्टर में था, वह कहां है
- अलमारी में रखे सामान का रिकॉर्ड जिस रजिस्टर में है, कहीं वह अलमारी में ही तो नहीं बंद है
- अगर रिकॉर्ड का रजिस्टर नहीं मिला तो कैसे पता करेंगे किस धातु के कितने सिक्के थे
- अगर वाकई अलमारी में सिक्के थे तो उन्हें कभी लाइब्रेरी के म्यूजियम में डिस्प्ले के लिए क्यों नहीं रखा गया

Iटैगोर लाइब्रेरी के मामले को लेकर कुलपति ने एक जांच कमेटी कठित की है। यह कमेटी अपनी जांच करेगी। अलमारी खोले जाने पर ही वास्तविक स्थिति पता चल सकती है। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की सकती है। I
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- प्रो. मुकुल श्रीवास्तव, प्रवक्ता- लविवि
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