लखनऊ के एफसीआई उपकेंद्र से सलेमपुर पतौरा गांव समेत आसपास के घरों की 14 मार्च की रात बिजली गुल होने पर करीब 10-12 दबंग उपकेंद्र में घुस आए। यहां सभी ने जमकर उपद्रव किया। कर्मचारियों को 20 मिनट तक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उपद्रव कर तोड़फोड़ भी की।
आरोप है कि दबंगों ने चालू फीडरों की बिजली जबरन बंद कर दी। इससे करीब 15 हजार घरों में रात तीन से सुबह चार बजे तक अंधेरा छाया रहा। उपकेंद्र में तैनात कर्मियों ने दबंगों के खिलाफ ककोरी थाने में तहरीर दी है। कर्मियों ने पुलिस को बताया कि दबंग, कमर में असलहा लगाए थे। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
उपकेंद्र में तैनात एक कर्मी ने बताया कि सलेमपुर पतौरा गांव निवासी ग्रामीण ने रात करीब ढाई बजे फोन करके बिजली बंद होने का कारण पूछा। ऑपरेटर राज यादव ने बारिश में फीडर बंद होने की बात कही। आश्वासन दिया कि 20-25 मिनट में बिजली आ जाएगी।
मगर, बिजली चालू होने से पहले फोन करने वाला दबंग नशे में साथियों के साथ उपकेंद्र में आकर ऑपरेटर के साथ मारपीट करने लगा। राजन सहित दो अन्य जो कर्मचारी लेटे थे, उन्हें मारने लगा। कर्मियों ने मारपीट की सूचना डायल 112 पर की तो सभी भाग गए।
...और बड़ा हादसा होने से बच गया
कर्मचारियों ने बताया कि नशे में दबंग बंद फीडर को चालू करने जा रहे थे, जिस पर दो कर्मचारी रात के समय काम कर रहे थे। यह देखकर कर्मचारी उनसे भिड़ गए और 11 हजार वोल्ट की लाइन को चालू करने से रोक दिया। अगर, फीडर की लाइन चालू हो जाती तो दोनों साथियों की मौत हो जाती। ऑपरेटर ने भी सूझबूझ दिखाकर यार्ड से 33 हजार वोल्ट की मुख्य सप्लाई को बंद कर दिया।
एक घंटे में चालू हो सकी बिजली
कर्मियों ने बताया कि उपद्रवियों के चलते जिस फीडर की बिजली बंद कर दी गई थी, उसे सामान्य करने में एक घंटे का समय लगा। होली के कारण बिजली बंद होने से उपकेंद्र में शिकायतें आने लगी थीं। कुछ उपभोक्ता भी उपकेंद्र में आ गए थे। उन्हें घटना की जानकारी दी गई तो सभी लौट गए।
होली की आधी रात को जिन लोगों ने चालू बिजली को बंद करने, मारपीट एवं तोड़फोड़ करने की घटना की है, उनके खिलाफ ककोरी पुलिस को तहरीर दी गई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा गया है।
- रजत जुनेजा, मुख्य अभियंता अमौसी जोन