लखनऊ। 25 दिसंबर को क्रिसमस पर वीआईपी मूवमेंट ने शहर को जाम में जकड़े रखा। इसके बाद साल के पहले दिन जश्न मनाने निकले लाखों लोग जाम में केंचुए की तरह सरकते रह गए। जाम हटाने के जिम्मेदार अफसर भी जब इसमें फंसे तो सुधार के इंतजामों की याद आई। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सिंह सेंगर ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक बुलाई। यहां जाम के कारणों पर चर्चा के साथ भविष्य में इसके निदान के लिए रणनीति बनाई गई।
समीक्षा बैठक में यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति की मांग की गई। इस पर पुलिस आयुक्त ने ट्रैफिक पुलिस को 10 अतिरिक्त रेसर मोबाइल बाइक और 42 दरोगा नियुक्त करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क सुधार के लिए नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एलडीए से समन्वय बनाकर रोड इंजीनियरिंग को ठीक कराने की बात हुई। पुलिस आयुक्त ने ग्रीन कॉरिडोर मार्ग का भ्रमण कर रोड इंजीनियरिंग की समीक्षा करने के निर्देश दिए जिससे इससे जुड़े अन्य मार्गों पर वाहनों का दबाव न बढ़े। उन्होंने व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों के साथ भी यातायात व्यवस्था में सुधार, अतिक्रमण रोकने और अनियमित पार्किंग के संबंध में बैठक करने के निर्देश भी दिए।
ये वजहों से बढ़ा जाम का झाम
समीक्षा बैठक में मातहतों ने बताया कि एक जनवरी को पांच लाख से ज्यादा लोग एक लाख वाहनों के साथ सड़कों पर थे। इससे यातायात का दबाव बढ़ा।
एक किलोमीटर की परिधि में चार प्रमुख मंदिर हनुमान सेतु, खाटू श्याम मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और हनुमंत धाम मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे।
कतकी मेला एवं उत्तरायणी मेले में भी हजारों लोगों की भीड़ थी। इसकी वजह से परिवर्तन चौक और नदवा बंधा मोड़ पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहा।
परिवर्तन चाैक और नदवा बंधा मोड़ क्षेत्र घनी आबादी वाला है। यहां के सड़कों की चौड़ाई भी कम है। इससे सामान्य दिनों में भी यहां पर यातायात का दवाब रहता है। यही वजह है कि बृहस्पतिवार, एक जनवरी को यहां पर लोगों को जाम से ज्यादा जूझना पड़ा।
पुलिस अफसरों ने बताया कि चिड़ियाघर में अत्यधिक संख्या में लोगों के आने के कारण वहां काउंटर को बंद करना पड़ा था। कुछ ऐसा ही शहर के प्रमुख पाकोZं में भी हुआ जहां अत्यधिक भीड़ और सड़कों पर गाड़ियों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई।
तैयार किया जाएगा अवसर विशेष डायवर्जन मैप
यातायात को और बेहतर बनाने के लिए पुलिस आयुक्त ने सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
बड़े आयोजनों के लिए समय से पहले अवसर विशेष डायवर्जन मैप तैयार कराने के लिए कहा।
डायवर्जन वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और मोबाइल बाइक दस्तों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
सभी पार्किंग स्थल से ही अलग-अलग मार्गों के माध्यम से प्रवेश और निकास की व्यवस्था की जाएगी। इससे एक ही मार्ग पर वाहनों का दबाव नहीं होगा।
नो पार्किंग जोन का सख्ती से पालन कराने के लिए अतिरिक्त क्रेन वाहनों की तैनाती की जाएगी जो वाहनों को उठाएंगे।
ट्रैफिक मार्शल लगाएंगे तभी मिलेगी कार्यक्रम की अनुमति
बैठक में तय हुआ कि विभिन्न आयोजनों में पार्किंग स्थल पर बड़ी संख्या में ट्रैफिक मार्शल की ड्यूटी लगाना अब अनिवार्य होगा।
यदि कोई आयोजक ट्रैफिक मार्शलों की ड्यूटी नहीं लगाता है तो उसे कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शहर में उन मार्गों को चिह्नित किया जाएगा जहां पर लोग सड़क पर ही अपने वाहन पार्क करते हैं। इन मार्गों पर भी क्रेन से वाहनों को उठाया जाएगा।
शुक्रवार सुबह के समय अयोध्या रोड पर लगा जाम। - फोटो : संवाद