मासिक शृंखला दादी–नानी की कहानी का 75वां आयोजन सोमवार को पल्टन छावनी स्थित बाल निकुंज स्कूल में
लखनऊ। बाल सुलभ मन को आज भी दादी-नानी के जमाने की कहानियां आकर्षित करती हैं। लोक संस्कृति शोध संस्थान ऐसे ही आयोजनों के जरिये बच्चों के मन को टटोल रहा है और उनमें नैतिकता, संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता का विकास किया जा रहा है। मासिक शृंखला दादी–नानी की कहानी का 75वां आयोजन सोमवार को पल्टन छावनी स्थित बाल निकुंज स्कूल में किया गया। स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने बच्चों को सोने की चिड़िया और नीली बकरी की प्रेरक कहानी सुनाकर जीवन मूल्यों, लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और साहस का संदेश दिया। स्कूल के प्रबंध निदेशक एचएन जायसवाल, प्रधानाचार्य रश्मि शुक्ला आदि मौजूद रहे।
मासिक शृंखला दादी–नानी की कहानी का 75वां आयोजन सोमवार को पल्टन छावनी स्थित बाल निकुंज स्कूल में