पंडित प्रशांत द्विवेदी पंकज ने बताया इस दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। नामकरण, अन्नप्राशन, कर्णवेधन, मुंडन, पाटी पूजन जैसे संस्कारों के लिए यह दिन शुभ है। सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल पर पीला वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। कलश स्थापना, भगवान गणेश और नवग्रह की पूजा के बाद मां सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके बाद मां को पीले फल, मिष्ठान्न और पीले फूल अर्पित करें। साथ ही संगीत वाद्य यंत्रों का पूजन करें और मां सरस्वती की आरती करें।