रायबरेली। चार दिन पहले बारिश के दौरान रेलवे साइड पर मालगाड़ी से उतारते समय गेहूं भीगने के मामले की जांच करने के लिए रविवार की देर शाम अफसरों की टीम भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम पहुंची। इस दौरान टीम ने पाया कि गोदाम में गेहूं रखने की क्षमता 71 हजार 214 मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष 67 हजार 210 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण गोदाम में हो चुका है। गोदाम में महज चार हजार चार मीट्रिक टन गेहूं रखने की जगह शेष है। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि पंजाब से गेहूूं मंगाने की वजह से गोदाम फुल हुआ है।
30 मई को पंजाब से 3376 मीट्रिक टन गेहूं लेकर मालगाड़ी एफसीआई गोदाम स्थित रेलवे साइड पर पहुंची थी। बारिश होने पर उतारते समय गेहूं भीग गया था। यह मामला लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक भानु प्रताप, सहायक महाप्रबंधक शैलेंद्र कुमार शाम करीब तीन बजे यहां गोदाम पहुंचे और रात करीब नौ बजे तक रहकर पूरी पड़ताल की। लखनऊ से आए अधिकारियों ने एफसीआई गोदाम के डिपो अधिकारी शहनवाज खान से गोदाम में अनाज भंडारण की जानकारी ली। साथ ही साथ गोदाम पहुंचकर अनाज की गुणवत्ता परखी। उन्होंने गोदाम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाज को सुरक्षित रखने में किसी तरह की कोताही न बरती जाए। रेलवे साइड पर बारिश के दौरान मालगाड़ी से गेहूं उतारते समय पॉलीथिन का प्रयोग किया जाए। डिपो अधिकारी ने बताया कि गोदाम के अंदर सुरक्षित तरीके से गेहूं रखा गया है। मालगाड़ी से गेहूं उतारते समय जो गेहूं भीगा था, उसका भी कोई नुकसान नहीं हुआ है। दो साल से गेहूं पंजाब से मंगाना पड़ रहा है। पहली ऐसा नहीं होता था। इस वजह से गेहूं का भंडारण करने में दिक्कत होती है, लेकिन गेहूं की कमी न होने पाए, इसका ख्याल रखा जाता है। इस दौरान डिप्टी आरएमओ सोनी गुप्ता भी मौजूद रही।