रायबरेली। दीवानी कचहरी में प्रवेश के लिए सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। वकीलों का परिचयपत्र देखकर अंदर जाने दिया गया, जबकि वादकारियों की तलाशी और उनके साथ लाए गए सामान की मशीन से स्कैनिंग कराई गई। अधिवक्ताओं ने भी बिना किसी एतराज के परिचय पत्र दिखाने के बाद परिसर में प्रवेश किया। इसको लेकर आपाधापी का माहौल रहा।
जिला एवं सत्र न्यायालय के साथ सबकी सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है। अधिवक्ताओं को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की ओर से जारी परिचय पत्र लेकर आना अनिवार्य किया गया है। ऐसा निर्णय उच्च न्यायालय व बार काउंसिल की ओर से दिए गए निर्देशों के क्रम में लिया गया है। सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से जारी पत्र के अनुसार बिना परिचय पत्र के अधिवक्ताओं का परिसर में प्रवेश सोमवार से प्रतिबंधित कर दिया गया है। बार के अध्यक्ष कमलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि बारिश की वजह से सोमवार को जांच प्रभावित हुई। पहले दिन बिना पंजीकरण के कोई अधिवक्ता नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बिना परिचय पत्र के प्रवेश करने वाले अधिवक्ता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि बिना पंजीकरण अधिवक्ता के रूप में कार्य करने वाले लोगों के खिलाफ की जा रही इस कार्यवाही में सहयोग करने की भी अपील की। न्यायालय चौकी प्रभारी दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है। जांच में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। जांच के बाद ही लोगों को परिसर में प्रवेश दिया जाता है।