फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिरी दिन भी बेबस रहे किसान, बैरंग लौटे घर

विज्ञापन
32-रायबरेली में मंगलवार को दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के गेहूं खरीद केंद्र पर विरोध प्रदर्शन करते ? - फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
रायबरेली। जिले में मंगलवार से गेहूं खरीद का काम समाप्त हो गया। आखिरी दिन भी किसान गेहूूं तौल कराने के लिए बेबस रहे। अधिकतर केंद्रों पर ताले जड़े थे। जहां पर तौल हो रही थी, वहां पर मनमानी की वजह से किसानों का गेहूं नहीं तौला जा सका। इससे किसानों को बैरंग घरों को लौटना पड़ा।
विज्ञापन

किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने गेहूं तौल की तिथि 22 जून तय कर दी थी। बावजूद इसका लाभ किसानों को नहीं मिल सका। महज 13 केंद्रों को छोड़कर बाकी केंद्रों पर ताले लटक रहे थे। किसान केंद्रों पर पहुंचते, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती। शुरुआती दौर से ही इस बार गेहूं खरीद व्यवस्था पटरी से उतरी रही, जिसका खामियाजा जिले के किसानों को उठाना पड़ा।
76 हजार मीट्रिक टन हुई गेहूं खरीद
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 76 हजार 389 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इसमें 19 हजार 816 किसानों का गेहूं खरीदा गया। 10 करोड़ 42 लाख किसानों का बकाया है, जिसका भुगतान नहीं हो सका। इस बार गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया था।
विज्ञापन

केंद्र पहुंचे, नहीं तौला गया गेहूं
बछरावां। शासन के आदेश के बाद भी गेहूं क्रय केंद्र पर ताले लटक रहे। किसानों का गेहूं नहीं तौला गया। ऐसे में किसानों को अपना गेहूं खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। किसान श्रीश कुमार, रामचंदर, देशराज, नवनीत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम गेहूं केंद्र में नंबर आने के बाद भी गेहूं नहीं तौला गया। गेहूं क्रय केंद्र में ताला लटक रहा है और किसान खुले बाजार में सस्ते दामों पर गेहूं बेच रहे। केंद्र प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उनको 10 हजार कुंतल का लक्ष्य दिया गया था। 7 हजार 7 सौ कुंतल खरीद के बाद विभाग के आदेशानुसार 15 जून को खरीद बंद कर दी गई है। यही हाल कसरावां, बन्नावा समेत अन्य गेहूं क्रय केंद्रों का रहा।
शासन का महज 13 क्रय केंद्रों पर 22 जून तक गेहूं खरीद करने का आदेश था। सिर्फ मंडियों में खुले केंद्रों पर खरीद हो रही थी। बाकी केेंद्र पर खरीद बंद करा दी गई थी। 76 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा खरीद इस बार की गई है। किसानों का बकाया भुगतान जल्द करा दिया जाएगा। - रामानंद जायसवाल, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें