रानी लक्ष्मीबाई स्कूल (आरएलबी) की सर्वोदयनगर की शाखा में 11वीं कक्षा की छात्रा ईशा यादव के खुदकुशी करने के मामले में बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप स्टेटस का एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ।
इसमें लिखा है...परीक्षा के दौरान चिट पकड़ी गई थी। इसके बाद ईशा को डांटा गया। धूप में खड़ा कर दिया गया। बेहोश होने लगी तब उसके घर पर जानकारी दी गई। अलग बैठाया गया और जलील किया गया। इसलिए वह डिप्रेशन में आ गई और खुदकुशी कर ली...।
पुलिस ने इस स्क्रीनशॉट को जांच में शामिल कर लिया है। स्टेटस लगाने वाले का पता कर रही है। आशंका है कि वह स्कूल का ही छात्र है।
वायरलेस काॅलोनी निवासी दरोगा प्रदीप कुमार की बेटी ईशा मंगलवार को अंग्रेजी का पेपर देने गई थी।
दोपहर को एक शिक्षिका ने प्रदीप को फोन कर जानकारी दी थी कि ईशा को नकल करते पकड़ा गया है। इसके बाद प्रदीप स्कूल पहुंचे थे। ईशा को लेकर घर आए थे। शाम को ईशा ने फांसी लगा ली थी।
प्रदीप ने प्रिंसिपल, शिक्षिका रंजना सिंह व अन्य शिक्षिकों पर प्रताड़ित व अपमानित करने का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। प्रदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट मिला। पुलिस के पास भी पहुंचा। प्रदीप ने बताया कि अब तक ये नहीं पता चल सका है कि आखिर ये स्टेटस किसने लगाया।
आखिर मां को क्यों लौटाया
प्रदीप के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे स्कूल से फोन आया था। छात्रा की मां स्कूल पहुंची थीं। उनको गेट से ही लौटा दिया गया था। बताया गया था कि स्कूल की छुट्टी हो चुकी है। वह घर पहुंची तो पता चला कि ईशा नहीं आईं है। उन्होंने प्रदीप को जानकारी दी। दोपहर 1:58 बजे प्रदीप स्कूल पहुंचे। जब वह भीतर गए तो देखा कि ईशा अकेले बैठी पेपर दे रही थी। सवाल है कि पहले उसकी मां को क्यों लौटाया गया। पुलिस इसका भी जवाब तलाश रही है।
स्कूल से जुटाए फुटेज
पुलिस ने स्कूल से सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं। प्रिंसिपल व शिक्षिकों से पूछताछ की। उनका कहना है कि छात्रा को अलग नहीं बैठाया गया न ही उसको अपमानित किया गया। इसलिए पुलिस फुटेज देख रही है। हालांकि, प्रदीप का कहना है कि फुटेज उन्होंने देखें हैं। दोपहर 12 से दो बजे के बीच छात्रा कक्षा में नहीं दिख रही है। पुलिस यही जांच कर रही है कि उस दौरान स्कूल परिसर में वह कहां पर थी।
प्रकरण की जांच जारी है। फुटेज जुटाए गए हैं। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जो साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अपर्णा रजत कौशिक, डीसीपी सेंट्रल