मोहनलालगंज में चला स्वच्छता व जन जागरूकता अभियान।
लखनऊ। बीबीएयू के प्रो. वेंकटेश दत्ता ने कहा कि आद्रभूमि (वेटलैंड) पारिस्थितिकी तंत्र की प्राकृतिक किडनी की तरह काम करती हैं। आद्रभूमि भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण तथा जैव-विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इनके संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। मौका था विश्व आद्रभूमि दिवस के अवसर पर सोमवार को मोहनलालगंज स्थित हुलासखेड़ा में करेली झील के आसपास स्वच्छता व जन जागरूकता अभियान का।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम गोमती टास्क फोर्स, 137 कॉम्पोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी), 39 गोरखा राइफल्स एवं बीबीएयू के पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित किया गया। शोधार्थियों ने आद्रभूमि से जल के नमूने एकत्र किए गए, जिनका वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों ने पक्षी अवलोकन गतिविधि में भाग लिया।
गोमती टास्कफोर्स के कमांडिंग अफसर मेजर कवंदरदीप सिंग नागी ने कहा कि हुलासखेड़ा जैसी आद्रभूमि का संरक्षण गोमती नदी तंत्र के समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। प्रधान अभिषेक दीक्षित ने संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन आद्रभूमि क्षेत्र में स्वच्छता अभियान के साथ हुआ। (माई सिटी रिपोर्टर)
मोहनलालगंज में चला स्वच्छता व जन जागरूकता अभियान।
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