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Lucknow News: शादी का निमंत्रण निकला जाल, एक क्लिक में शिक्षकों के मोबाइल हैक

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लखनऊ। 'पांच दिसंबर की शादी में आपका खास स्वागत है।' सुबह-सुबह आया यह मेसेज सिर्फ निमंत्रण नहीं था, बल्कि साइबर हमले का ऐसा फंदा साबित हुआ, जिसने राजधानी के 20 से अधिक एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) और शिक्षकों के मोबाइल फोन मिनटों में हैक कर दिए।
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जैसे ही मेसेज के साथ आई एपीके (एंड्रॉयड एप्लिकेशन पैकेज) फाइल खोली गई, मोबाइल फोन के सभी एप्लीकेशन ठप हो गए और हैकर फोन से अपने आप मेसेज फॉरवर्ड कराने लगे। इस साइबर अटैक की चपेट में निपुण भारत, दीक्षा, प्रेरणा, सपोर्टिव सुपरविजन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी एप भी आ गए। इस कारण सोमवार को पूरे दिन बच्चों की शिक्षा से जुड़ा ऑनलाइन काम ठप रहा।

ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था पर बड़ी मार
एआरपी और शिक्षकों के मोबाइल हैक होने से प्रेरणा डीबीटी से छात्रों का पंजीकरण, उपस्थिति और डाटा सबमिशन का काम ठप हो गया। प्रेरणा सहायक पर्यवेक्षण, प्रेरणा लक्ष्य एप, दीक्षा समर्थ पोर्टल, निपुण भारत डिजिटल के साथ अन्य एप ने भी काम करना बंद कर दिया। कई विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं भी बाधित हुईं।
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व्हाट्सएप हो गया हैक
बीकेटी की एआरपी क्षमा तिवारी ने बताया कि सुबह करीब 4:45 बजे उनके पास मेसेज आया। उन्होंने एपीके फाइल खोली तो व्हाट्सएप हैक हो गया। हैकर्स ने उनके फोन से अपने आप मेसेज भेजना शुरू कर दिया।

100-150 फोन तक पहुंचा मेसेज

गोसाईंगंज के शिक्षक धमेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 6 बजे उन्होंने शादी का निमंत्रण पढ़कर जैसे ही फाइल खोली, व्हाट्सएप दूसरे नंबर पर शिफ्ट हो गया। कुछ ही मिनटों में 100-150 लोगों तक वही मेसेज फॉरवर्ड हो गया।


सभी एप ठप, शिक्षा कार्य बंद
सरोजनीनगर के एआरपी ज्ञान प्रताप सिंह ने बताया कि निपुण, दीक्षा, क्यूआर स्कैन के साथ ही मोबाइल के सभी एप अचानक बंद हो गए। इससे शिक्षा गुणवत्ता जांच और निपुण भारत से जुड़े सभी काम रुक गए।



बीईओ ने दी सतर्क रहने की सलाह

बीईओ मुख्यालय राकेश कुमार ने बताया कि विभाग के कई शिक्षकों ने सुबह-सुबह इस तरह की घटना की जानकारी फोन पर दी। उन्होंने बताया कि उनके फोन पर भी ऐसा मेसेज आया, लेकिन बिना खोले फाइल तुरंत डिलीट कर दी। सभी को सतर्क रहने की सलाह भी दी। साइबर विशेषज्ञ भीमेश कुमार के मुताबिक बिना जांचे-परखे किसी भी एपीके फाइल को न खोलें। हैकर्स रिश्तेदार के नाम से पैसे तक मांग सकते हैं। तुरंत इसकी सूचना साइबर सेल या निकटतम साइबर सेंटर को दें।
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