लापता हुए बच्चों के घर लौटने की संभावना बहुत कम रह जाती है।
विभिन्न
संगठन, सरकारी एजेंसियां और पुलिस इसे लेकर कोशिश भी करते हैं, फिर भी कई
बार बच्चे के मूल स्थान से समन्वय मुश्किल हो जाता है।
इसी को आसान बनाने
के लिए विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर एक वेबसाइट शुरू की है।
इससे विभिन्न
राज्यों के शहरों में काम कर रही एजेंसियां आपसी समन्वय से भूले-भटके
बच्चों की घर वापसी सुनिश्चित कर सकें। मंगलवार को इस वेबसाइट को लखनऊ में
लॉन्च किया गया।
वेबसाइट
www.childprotectioninfo.in तैयार करने वाले इंम्पैक्ट पार्टनर्स इन सोशल
डेवलपमेंट के निदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि वेबसाइट
में अभी 6 राज्यों के हर शहर में काम कर रही बाल कल्याण समितियों, पुलिस
अधिकारियों और थानों, एनजीओ, शैल्टर होम के फोन नंबर, पते, ई-मेल पते आदि
दिए गए हैं।
इनमें बिहार, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक और
पश्चिम बंगाल शामिल हैं। जल्द ही महाराष्ट्र, गोवा और तमिलनाडु को भी इससे
जोड़ा जाएगा।
गुप्ता ने बताया कि वेबसाइट के जरिए किसी भी गुमशुदा बच्चे
से मिली जानकारी के आधार पर पते आदि की जांच कराई सकेगी।
इस हेल्पलाइन के
अलावा वेबसाइट बच्चों को लेकर काम कर रहे विभिन्न सेवा प्रदाताओं को
रजिस्टर होने का भी मौका देगी।
इसके अलावा एक रिसोर्स की तरह बच्चों से
जुड़े कानूनों की जानकारी और रिपोर्ट्स भी उपलब्ध कराएगी।