श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड, गौतम बुद्ध नगर, बुलन्दशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाकों में।
नए साल के पहले दिन न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस होने से झांसी प्रदेश का तीसरा सबसे ठंडा शहर रहा। मेरठ और फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ के बाद झांसी की रात सबसे ठंडी रही। हालांकि, बुधवार को दोपहर में धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। मौसम विभाग ने आगे भी शीतलहर चलने का पूर्वानुमान जताया है।
पहाड़ों की ओर से आने वाली बर्फीली हवा झांसी का तापमान लगातार गिरा रही है। पिछले दो दिनों से फिर से गलन शुरू हो गई है। हालांकि, बुधवार को सुबह से धूप खिल गई। ऐसे में अधिकतम तापमान बढ़कर 20.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसलिए दिन में सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिली। धीरे-धीरे जैसे सूरज ढलता गया, वैसे-वैसे गलन भी बढ़ने लगी। शाम छह बजे के बाद फिर से शीतलहर का असर दिखने लगा और लोगों की कंपकंपी छूटने लगी।
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि जनवरी में कड़ाके की ठंडक पड़ेगी। पहाड़ों की ओर से उत्तर-पूर्वी दिशा से आने वाली बर्फीली हवा की रफ्तार जैसे-जैसे बढ़ेगी, वैसे-वैसे पारा और गिरेगा। उन्होंने इस सप्ताह कोहरा छाने की भी संभावना जताई है।