लखनऊ। अपने शहर की मशहूर गलियों के बारे में अगर आप नहीं जानते हैं तो सनतकदा महोत्सव इनसे जुड़ी कहानियों, इतिहास और इनके मिजाज से आपको रूबरू कराएगा। 31 जनवरी से 4 फरवरी तक सफेद बारादरी और सलेमपुर हाउस में 16वां सनतकदा महोत्सव सजेगा, जिसकी थीम होगी ‘लखनऊ के गली-कूचे’। लखनऊ के खास खानपान के लिए बावर्ची टोला भी सजेगा।
‘लखनऊ के गली-कूचे’ की थीम पर हमने करीब 25 प्रमुख गलियों का चयन किया है। इस पर आधारित तैयार की गईं चार लघु फिल्में भी महोत्सव में दिखाई जाएंगी। उद्घाटन अवसर पर ‘हमारी गली, हमारी दुनिया’ फिल्म से शुरुआत होगी। इसके अलावा ‘गलियों में लखनऊ’, ‘कहानी हर मोड़ पर’ और ‘गलियों के साथी’ लघु फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
निर्देशक क्रिएटिव एवं संचार तस्वीर हुसैन ने बताया कि इस बार दो नई थीम वॉक ‘राजा बाजार की सैर’ और ‘अमीनाबाद की झलक’ भी पेश की जा रही है। इसके अलावा बावर्ची टोला में लखनऊ के खास व्यंजनों का लोग लुत्फ उठा सकेंगे। यही नहीं, दो फरवरी को अवधी होम कुक्ड में लखनऊ के कई मोहल्लों से महिलाएं घर का बना पारंपरिक खाना लेकर आएंगी।
उन्होंने बताया कि लखनऊ के गली-कूचों पर आधारित एक पत्रिका भी लॉन्च की जाएगी। लखनऊ के मोहल्लों का सेटेलाइट व्यू भी हमने तैयार किया है जिसे प्रदर्शित किया जाएगा। सनतकदा की संस्थापक माधवी कुकरेजा ने बताया कि फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कलाओं को संरक्षित करना और मौखिक इतिहास को दस्तावेज करना है। इससे स्वदेशी शिल्प और कारीगरों को बढ़ावा मिलेगा। आयोजन में क्रॉफ्ट क्यूरेशन और शोध की निर्देशक नगमा ने बताया कि इस बार 105 शिल्प का चयन किया गया है। इसमें चार अंतरराष्ट्रीय क्रॉफ्ट भी शामिल होंगे जिसमें अफगानिस्तान, टर्की और उजबेकिस्तान के शिल्प का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
मशहूर मूर्तिकार महेश इस आयोजन का हिस्सा होंगे। नाबार्ड की ओर से पांच स्टॉलों पर जीआई टैग पा चुके शिल्प में मैनपुरी की तारकशी, बनारस का स्टोन वर्क शामिल हैं।