अवधेश ने बताया कि करीब एक घंटे तक इस मुद्दे पर चर्चा के बाद सपा अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार में कुछ गलतियां हो गई हैं।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही सबसे पहली कैबिनेट की मीटिंग में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को लागू कराते हुए रिवर्ट कार्मिकों का पूर्व तिथि से सम्मान वापस किया जाएगा और साथ ही पिछड़े वर्गों के लिए भी पदोन्नति में आरक्षण की पूर्व प्राविधानित व्यवस्था को भी बहाल कराया जाएगा।
अखिलेश ने दलित व पिछड़े कार्मिकों के अधिकार के लिए हमेशा खड़े होने का भी भरोसा दिया है। सपा अध्यक्ष में मिलने वाले संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों में डॉ. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, एसपी सिंह, अनिल कुमार, श्याम लाल व अन्जनी कुमार शामिल थे। अवधेश ने कहा आगे भी सभी राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों से मुलाकात कर पदोन्नति में आरक्षण बिल को संसद में पारित कराने की मांग की जाएगी।