लखनऊ। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में कोचिंग संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), उच्च शिक्षा, अग्निशमन और बिजली विभाग के आला अफसरों की मौजूदगी में कोचिंग संचालकों ने साफ कहा कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के नाम पर विभागों में मोटी रकम (रिश्वत) मांगी जाती है, ऐसे में नियमों का पूरी तरह पालन होना असंभव है।
अधिकारियों के सुरक्षा मानकों पर बार-बार जोर देने पर संचालकों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। उन्होंने एक स्वर में कहा, साहब, हम कोचिंग चला रहे हैं, कोई अपराध नहीं कर रहे। व्यवस्था को सरल बनाने के बजाय उसे जटिल बनाकर हमें प्रताड़ित किया जा रहा है।
बैठक में एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव, डीआईओएस देवेंद्र पांडेय, बीएसए विपिन कुमार और बिजली व अग्निशमन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अलीगंज अग्निकांड की आड़ में गलत कार्रवाई का दावा
कोचिंग संचालकों ने अलीगंज अग्निकांड के बाद की गई प्रशासनिक कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया। कहा कि अलीगंज में आग एक एनिमेशन केंद्र में लगी थी, न कि किसी कोचिंग संस्थान में। इसके बावजूद, घटना के अगले ही दिन प्रशासन ने बिना जमीनी हकीकत जाने कोचिंग सेंटरों को निशाना बनाना और उन्हें बंद करना शुरू कर दिया। संचालकों ने सीलिंग की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि एलडीए अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व नोटिस या सूचना के आनन-फानन में कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से उन बच्चों की पढ़ाई बीच में ही रुक गई है, जिनकी फीस जमा है। अब कोचिंग संचालक अभिभावकों और बच्चों के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
कोचिंग संचालकों के लिए कल से शुरू होगी हेल्पडेस्क
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने सभी कोचिंग संचालकों को आश्वासन दिया कि एलडीए ने एक हेल्पडेस्क बनाई है। सोमवार से ये पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी। उन्होंने कोचिंग संचालकों के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि कोई आपको परेशान नहीं करेगा। इसके लिए उन्होंने अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी दिया। कहा यदि मानक के नाम पर कोई दलाल आपसे संपर्क करता है तो उसके बारे में तुरंत सूचना दें, कार्रवाई की जाएगी।
Iअलीगंज में जहां आग लगी, वह कोचिंग संस्थान नहीं था, लेकिन एलडीए के अधिकारियों ने बिना किसी सूचना के सभी कोचिंग संस्थान सील कर दिए। इससे बच्चों का बड़ा नुकसान हुआ है। उन्हें लैपटॉप, किताबें व बैग निकालने तक का मौका नहीं दिया गया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।I
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- बादल चोपड़ा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कोचिंग संघI
Iजब सारे मानक पूरा करने का एक निर्धारित समय है, तो बिना नोटिस अचानक कोचिंग सील करना गलत है। समय दिया जाना चाहिए था। ये बच्चों के साथ अन्याय है।I
I- विजय सिंह, ध्येय कोचिंग संचालकI
Iकार्यशाला में कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। बस अधिकारियों ने जो मौके पर आज कहा, उस पर अमल भी हो तो लोगों की परेशानी दूर होगी। व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा तो मानकों को पूरा करने में सभी के लिए आसानी होगी।I
I- अनिल अग्रवाल, अध्यक्ष, अनएडेड स्कूल एसोसिएशनI
कार्यशाला में मौजूद लोग।
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