रायबरेली। शहर क्षेत्र में हुई बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। हर तरफ जलभराव और कीचड़ होने से लोगों का पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। इसके बावजूद पानी निकासी के इंतजाम नहीं किए गए। खासकर खस्ताहाल सड़कों के गड्ढों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ी।
पहले शुक्रवार रात और फिर शनिवार सुबह से शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश की रफ्तार धीमी रही। बावजूद बारिश से गांधी नगर, नेहरू नगर, डिग्री कॉलेज चौराहा, नया पुरवा, सोनिया नगर में जलभराव सबसे ज्यादा रहा। सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई कर दी गई है। मिट्टी सड़क पर पड़ी है।
बारिश से आचार्य द्विवेदी नगर, आईटीआई रोड पर कीचड़ हो गया। इससे लोगों को आने-जाने में मुसीबत झेलनी पड़ी। कई लोग तो कीचड़ में ही गिर पड़े। नागरिक दिनेश यादव, रामदेव त्रिवेदी, पवन सिंह ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई तो कर दी जाती है, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। जल निगम के एक्सईएन देवेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
बारिश व तेज हवा से खेतों में बिछी धान की फसल
रायबरेली। सितंबर में हो रही बारिश किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी है। शुक्रवार रात बारिश के साथ देहात क्षेत्रों में चली तेज हवा के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों के चेहरे मायूस हो गए। लगातार मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। ऐसे में यदि बारिश आगे भी होती रही तो धान की फसल चौपट हो जाएगी। शनिवार को जिले में 18 मिमी बारिश हुई।
जिले में इस बार डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई है। अगैती धान की फसल मेंं बालियां निकल आई हैं, जबकि बाद में रोपी गई धान की फसल गाला में है। रात में बारिश के साथ हवा चली। इससे धान की फसल गिर गई। हलोर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के हलोर, पुरासी, अलीपुर, कुशलगंज, मझिगवां, कक्केपुर, जमुरावां, कोटवा मोहम्मदाबाद के गांवों के किसानों की धान की फसल जमीन पर बिछ गई है।
किसान प्रेमशंकर मिश्रा, इंद्रदेव शुक्ल, गंगासागर पांडेय, रामसागर चौधरी, संत कुमार, उमाकांत पांडेय, रविराज सिंह, अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बारिश से धान की फसल बर्बाद हो रही है। भारतीय किसान यूनियन राजेश सिंह गुट के ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु स्वरूप शुक्ला ने बताया कि धान के अलावा तिल, उड़द की फसल को नुकसान हुआ है।