लखनऊ। इंदिरानगर में बिजली का केबल डालने के लिए की अवैध रोड कटिंग से सोमवार रात पानी सप्लाई करने वाली मेन पाइप लाइन टूट गई। इससे मंगलवार को करीब तीन लाख की आबादी पीने के पानी के लिए तरस गई। रोड कटिंग से सड़क भी धंस गई। जलकल विभाग ने मरम्मत का काम शुरू किया, लेकिन देर शाम तक यह पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में बुधवार को भी इलाके में पानी की किल्लत हो सकती है। मंगलवार सुबह इंदिरानगर में पानी नहीं आया तो लोगों ने जलकल विभाग से शिकायत की। पहले तो कोई जानकारी नहीं मिली, फिर पता चला कि तीसरे जलकल (कठौता झील) से आने वाली 400 एमएम की मेन लाइन टूट गई है। इससे सड़क भी धंस गई।
जलकल के जोन सात के अधिशासी अभियंता अनिरुद्ध भारती ने बताया कि बिजली विभाग का ठेकेदार केबल डलवा रहा था। इस दौरान ड्रिलिंग से पानी की मेन पाइप लाइन टूट गई, जिससे तीन लाख की आबादी को सप्लाई पर असर पड़ा। मरम्मत का काम बुधवार तक ही पूरा हो पाएगा। जलकल के महाप्रबंधक रामकैलाश ने बताया कि सरकारी डिपार्टमेंट होने से बिजली विभाग पर एफआईआर नहीं कराई गई है। हालांकि, मरम्मत का खर्च उससे ही वसूला जाएगा। उधर, मामले की जानकारी पर बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने मौका मुआयना किया।
दर्ज कराई जाए एफआईआर
पूर्व पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने बताया कि अवैध रोड कटिंग से पानी की पाइप लाइन टूटी है। हालांकि, बिजली विभाग के ठेकेदार ने जलकल विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं दी। इसने कुछ समय पहले सेक्टर-आठ में पानी की लाइन में केबल डाल दिया था, जिससे एक सप्ताह तक पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी। कहा कि अधिकारी अवैध कटिंग करने वालों पर कार्रवाई नहीं करते, ऐसे में वे बेखौफ हैं। जलकल विभाग ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए।
कोट
बिजली विभाग ने नहीं दी जानकारी
केबल डालने से पहले बिजली विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी थी। ऐसा होता तो बताया जाता कि कहां पानी और सीवर की लाइन है और वहां खुदाई न की जाए।
अनिरुद्ध भारती, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग
कोट
रोड कटिंग की नहीं ली अनुमति
बिजली विभाग ने इंदिरानगर में रोड कटिंग की अनुमति नहीं ली। अवैध रोड कटिंग को लेकर क्षेत्रीय इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर बिजली विभाग पर कार्रवाई होगी।
पुनीत ओझा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
कोट
इंजीनियर से मांगी गई है रिपोर्ट
मामले की जानकारी पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। निर्माण खंड इकाई केबल डलवा रही थी। रोड कटिंग की अनुमति ली गई या नहीं और खोदाई में लापरवाही क्यों हुई, इसे लेकर इंजीनियर से रिपेार्ट मांगी है।
अनिल कुमार तिवारी, मुख्य अभियंता, लेसा, ट्रांसगोमती