लखनऊ। राजधानी में सेक्टर क्यू चौराहे से इंजीनियरिंग कॉलेज तक बारिश में मुख्य मार्ग पर खूब पानी भरता है। इस सड़क पर नाला तो दोनों ओर बना है, लेकिन इतने कब्जे हैं कि पानी निकलने के लिए जगह ही नहीं बची है। यही हाल कपूरथला चौराहे से मंदिर और अलीगंज की ओर जोन वाली सड़क का है। दोनों ओर नाला और नाली दिखाई ही नहीं देते। बड़े-बड़े कॉम्प्लेक्स, होटल और अस्पताल हैं। जिन्होंने सामने के चौड़े कच्चे फुटपाथ भी कब्जा कर उसे पक्का कर इतना ऊंचा कर दिया है कि पानी सीधे सड़क पर आता है। ऐसे में बारिश में पानी सड़क पर ही भरा रहता है। यही हाल शहर के ज्यादातर प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों का है।
शहर में लोगों ने नाला-नालियों पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर दिया है। नालियों को ढककर इतने ऊंचे रैंप बना दिए कि पानी निकलने की जगह ही नहीं बची। अलीगंज में सेक्टर-एच वाली सड़क पर दो साल पहले तक पानी नहीं भरता था अब वहां भी कब्जे के कारण जलभराव की समस्या शुरू हो गई है। नगर निगम प्रशासन ने ऐसी जगहों पर नाली खुलवाने को काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को इंदिरा नगर के कई इलाकों में बंद नालियों को खुलवाया गया। जिनको पत्थर से बंद कर दिया गया था। नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि सभी जोनल अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण करें और रैंप व नाला-नाली पर अवैध कब्जे हैं तो उन्हें हटाएं।
नालों की गड़बड़ सफाई से भी समस्या
नालों की ठीक से सफाई न होने से भी जलभराव की समस्या हो रही है। केसरी खेड़ा, पुराना लखनऊ सहित कई इलाकों में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था ठीक न मिलने पर महापौर और नगर आयुक्त दोबारा नाला सफाई के निर्देश दे चुके हैं। इस्माइलगंज में सिल्ट उठान ठीक तरीके से नहीं होने के चलते सिल्ट फिर नालों में चली गई। वहीं, सरकटा और पाटा नालों की सफाई का काम भी समय से पूरा नही किया गया।
नगर आयुक्त की अपील न करें नाला-नाली पर कब्जा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने कहा कि नाला-नाली पर कब्जे के कारण जल निकासी की समस्या होती है। कब्जे के कारण नालों की सफाई भी नहीं हो पाती है। ज्यादातर नाला-नाली पर रैंप के कारण यदि बीच-बीच में सफाई नहीं हो पाती है। ऐसे में जो सफाई हुई है वह भी बेकार हो जाती है। ऐसे में जनता का सहयोग बहुत जरूरी है। वह ऐसे समतल जाली वाले रैंप घर के आगे बनाएं।