डलमऊ और ऊंचाहार क्षेत्र के कटरी क्षेत्र में रहने वाले किसानों में छाई मायूसी
केंद्रीय जल आयोग का दावा नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ा जलस्तर
फोटो संख्या 11, 12
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊंचाहार-डलमऊ (रायबरेली)। जिले से होकर निकली गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा है। इससे कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों में जहां दहशत है, वहीं कटरी के किनारे बोई गई सब्जी और तरबूज की करीब 100 बीघे फसल डूब गई है। इससे फसलों के सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। फसल डूबने से किसानों के चेहरे मायूस हैं। उनका कहना है कि कभी मौसम के चलते फसलों का नुकसान हो जाता है तो कभी नदी का जलस्तर बढ़ने से तरबूज व सब्जी की फसल चौपट हो जाती है।
केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक रविवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान बिंदु के सापेक्ष 94.800 मीटर दर्ज किया गया। एक माह पहले नदी का जलस्तर 94.200 मीटर था। नरौरा बांध में पानी छोड़ दिए जाने के कारण नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। डलमऊ ब्लॉक के कटरी क्षेत्र के डलमऊ, जहांगीराबाद, जमाल नगर मोहिद्दीनपुर, चकमलिकभीटी, कल्यानपुर बैंती गांव के किसानों की ओर से बोई गई सब्जी की फसल लौकी, कद्दू, खीरा और तरबूज डूब गई है। करीब 50 बीघे फसल डूबी है। इससे किसान परेशान हैं।
ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे गोकना, गोलाघाट, बादशाहपुर, कोइलहा, पूरे तीर खरौली गांवों के किसानों की तरफ से बोई गई सब्जी की फसल लौकी, खीरा, कद्दू और तरबूज की करीब 50 बीघे फसल डूब गई है। किसान रंजीत कुमार, जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार, महेंद्र कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे फसल में पानी भर गया और फसल बर्बाद हो गई। लगातार नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। मार्च माह में बारिश, ओले गिरने से गेहूं, सरसों की फसल को पहले ही नुकसान हो चुका है। अब नदी का जलस्तर बढ़ने से सब्जी और तरबूज की फसल का नुकसान हो रहा है। लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। उधर, एसडीएम ऊंचाहार आशीष मिश्रा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की जानकारी नहीं है। लेखपाल को भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।