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नई जनरथ एसी बसों से टपका पानी, अफसरों ने मामला दबाया

Mon, 18 Sep 2017 12:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जनरथ
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उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में बस बॉडी बनाने में धांधली की पोल खुल गई है। इस मामले में खराब गुणवत्ता का पता चला है।
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एसी बस जनरथ जब आउटसोर्सिंग से बनकर कानपुर और इलाहाबाद पहुंची तो इसमें बारिश का पानी टपकने लगा। एक साथ 14 एसी बसों की छत से पानी टपकने की घटना कानपुर के विकासनगर डिपो में हुई।

मामला मुख्यालय पहुंचा तो प्रकरण को दबाकर गुपचुप तरीके से बसों की छत ठीक करा दी गई। मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री से जब शिकायत हुई तो लापरवाह अफसरों में हड़कंप मच गया है।
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निगम के सूत्रों ने बताया कि कानपुर के सेवा प्रबंधक रमेश कुमार ने विकासनगर डिपो के सीनियर फोरमैन के 30 जनवरी 2017 के पत्र के आधार पर मुख्यालय के मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) जयदीप वर्मा को पत्र लिखकर जनरथ बसों के टपकने की जानकारी दी।

मुख्यालय ने इस प्रकरण में उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जिन्होंने बॉडी बनने के दौरान निरीक्षण किया था।

जबकि इलाहाबाद के सेवा प्रबंधक ने जनरथ बसों से पानी टपकने की शिकायत की थी। कानपुर के सेवा प्रबंधक ने बताया था कि जनरथ में एक्सीलेटर संबंधी समस्याएं भी हैं।

इन बसों से पानी टपका

कानपुर के सेवा प्रबंधक को सीनियर फोरमैन ने पत्र लिखकर जनरथ बसों की छत से पानी टपकने की शिकायत की थी। इसमें यूपी 77 एएन-1871, यूपी 77 एएन-1872, यूपी 77 एएन-1873, यूपी 77 एएन-1874, यूपी 77 एएन-1875, यूपी 77 एएन-1876, यूपी 77 एएन-1877, यूपी 77 एएन-1878, यूपी 77 एएन-1879, यूपी 77 एएन-1880, यूपी 77 एएन-1916,  यूपी 77 एएन-1917, यूपी 77 एएन-1918, यूपी 77 एएन-1921 नंबर की बसें शामिल हैं। 
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निरीक्षण करने वाले अफसर जिम्मेदार

परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (प्राविधिक) जयदीप वर्मा का कहना है कि बस की बॉडी बनने के दौरान जिन अफसरों ने निरीक्षण किया था, वे जनरथ की छत से पानी टपकने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने सही तरीके से छत का निरीक्षण नहीं किया, बल्कि खानापूर्ति करके  लौट आए।  
 
दो मंत्री, तीन एमडी तक पहुंचा मामला
कुछ साधारण एवं जनरथ बसों की बॉडी की घटिया गुणवत्ता का मामला दो परिवहन मंत्रियों और तीन एमडी तक पहुंच चुका है लेकिन अभी तक किसी ने लापरवाहों पर कार्रवाई नहीं की। अब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक गया है। मुख्यमंत्री से हुई शिकायत की जानकारी परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को भी है पर अभी तक जांच नहीं कराई गई।
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