रायबरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत ब्लॉकों में शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। जिले के सात ब्लॉकों में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन में सुस्ती बरती जा रही है तो 15 ब्लॉकों में कंवर्जेंस एप पर काम नहीं हो रहा है। समीक्षा में मनमानी पकड़ में आने के बाद संबंधित ब्लॉकों के एडीओ आईएसबी और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को पत्र देकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। तीन में प्रगति में सुधार लाकर जवाब देनेे के आदेश दिए गए हैं।
एनआरएलएम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समूहों का गठन कराकर उन्हें रोजगार मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए गांवों में अधिक से अधिक समूहों के गठन का प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त एनआरएलएम ने प्रगति की समीक्षा की तो अमावां, बछरावां, छतोह, दीनशाह गौरा, जगतपुर, महराजगंज व रोहनियां में एक भी समूह का गठन नहीं मिला। नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित एडीओ आईएसबी और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को कार्रवाई की चेतावनी देकर तीन दिन में खराब प्रगति पर जवाब देने के साथ ही समूहों के गठन के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा ब्लॉकों में सोशल मोबिलाइजेशन कैंप के माध्यम से प्रधानमंत्री आवासों और समूहों के खाता संख्या व मोबाइल नंबरों की फीडिंग का काम कंवर्जेंस ऐप के माध्यम से होना है। समीक्षा की गई तो प्रगति नगण्य मिली। मामले में बछरावां, महराजगंज, रोहनियां ब्लॉकों को छोड़ सभी 15 ब्लॉकों के एडीओ आईएसबी और ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उपायुक्त एनआरएलएम मुकेश कुमार का कहना है कि प्रगति में तेजी न लाने पर कार्रवाई की जाएगी।