होली बाद लौटने वाले तेजस व शताब्दी में बुकिंग नहीं करवा रहे हैं। यात्रियों की इस बेरुखी की वजह से इन गाड़ियों में सीटें भरने के लाले पड़ रहे हैं। इसे लेकर रेलवे प्रशासन परेशान है। अधिकारी पशोपेश में हैं तथा मंथन कर रहे हैं। दरअसल, देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस गत वर्ष यात्री नहीं मिलने की वजह से बंद कर दी गई थी, जिसे दोबारा गत 14 फरवरी को शुरू किया गया है। आईआरसीटीसी प्रशासन ने एक ओर जहां टिकटों की दर को कुछ कम कर दिया, वहीं दूसरी तरफ ऑनबोर्ड सुविधाओं में भी इजाफा किया। लेकिन होली बाद जब लखनऊ से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों की स्थिति पर नजर दौड़ाई जा रही है तो तेजस एक्सप्रेस की सीटें भरने को लाले पड़ रहे हैं। कमोबेश यही हालत शताब्दी एक्सप्रेस की है। चेयरकार में सैकड़ों की संख्या में सीटें खाली हैं। लेकिन होली बाद लौटने वाले ट्रेन में टिकट ही बुक नहीं करवा रहे हैं।
वहीं लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली दूसरी ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। इसमें लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली एसी स्पेशल की थर्ड एसी में 30 मार्च को पांच, 31 को 17 वेटिंग चल रही है। वहीं वीआईपी ट्रेन लखनऊ मेल की स्लीपर बोगी में 30 को 65, 31 मार्च को 50, पहली को 12, दूसरी व तीसरी अप्रैल को आरएसी चल रही है। वहीं इस ट्रेन की थर्ड एसी बोगी में भी वेटिंग व आरएसी चल रही है। जबकि कैफियत एक्सप्रेस की स्लीपर से लेकर एसी बोगियों तक में वेटिंग केहालात शुरू हो गए हैं। गोरखधाम स्पेशल, आनंदविहार फेस्टिवल स्पेशल, फैजाबाद दिल्ली एक्सप्रेस में भी वेटिंग से यात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं।
डायनेमिक फेयर हटे तो बने बात
एक ओर अधिकारी पशोपेश में हैं, वहीं दूसरी ओर पैसेंजर इन गाड़ियों से डायनेमिक फेयर हटाने की मांग कर रहे हैं। यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस अपने महंगे टिकट की वजह से सफल नहीं हो रही है। जबकि शताब्दी एक्सप्रेस में लगातार यात्री सुविधाओं को कम किया जा रहा है, जिसकी वजह से यात्री घट रहे हैं। दूसरी बात यह कि इन गाड़ियों पर लगने वाले डायनेमिक फेयर की वजह से किराया बेतहाशा बढ़ जाता है, इसलिए इसे हटाया जाए, ताकि किराया कम हो जाए।
इतनी चेयरकार सीटें हैं खाली
तेजस एक्सप्रेस शताब्दी एक्सप्रेस
30 मार्च 567 489
31 मार्च 565 618
1 अप्रैल 627 771
2 अप्रैल 647 790
3अप्रैल 641 715
4 अप्रैल 577 630