फर्रुखाबाद : ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान अधिक
फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के मुकेश राजपूत और समाजवादी पार्टी के डॉ. नवल किशोर शाक्य के बीच है। सीधी लड़ाई में बसपा उम्मीदवार कहीं भी नजर नहीं आए। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मतदान के दौरान न तो बसपा प्रत्याशी कहीं दिखे और न ही उनके किसी भी मतदान केंद्र पर बस्ते लगे। दो बार से लगातार सांसद रहे भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर (एंटी इंकबेंसी) से सदर सीट पर असर पड़ सकता है।
अकबरपुर : भाजपा और सपा में टक्कर
अकबरपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह उर्फ भोले का सीधा मुकाबला सपा के राजाराम पाल से है। बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार द्विवेदी लड़ाई में कमजोर है। कुछ लोग वर्तमान सांसद से नाराज हैं। इस वजह से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं का रुझान गठबंधन की ओर हुआ है। इसमें मैथा और रूरा क्षेत्र के कुछ जगहों पर ब्राह्मण भी बंटा है। शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में मतदान की स्थिति बेहतर रही है। हालांकि मतदान पिछले चुनाव से सुस्त है। शहरी क्षेत्र में युवा मतदाता काफी उत्साहित है। हर बूथ पर युवाओं की भीड़ भी दिखी।
धौरहरा : जातीय समीकरण पर हार-जीत
धौरहरा सीट पर सीधे तौर पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। दो बार की सांसद भाजपा प्रत्याशी रेखा अरुण वर्मा व भाजपा छोड़ बसपा से टिकट लेकर लड़ रहे ब्राह्मण प्रत्याशी श्याम किशोर अवस्थी में मतदान होने तक सीधी टक्कर मानी जा रही थी। जातीय गणित के कारण सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बने हैं।
बहराइच : बसपा के वोटों में लगी सेंध
बहराइच सुरक्षित सीट पर मतदान के दौरान भाजपा के डा. आनंद कुमार गोंड व सपा प्रत्याशी रमेश गौतम के बीच सीधी टक्कर दिखी। यहां बसपा प्रत्याशी बृजेश सोनकर काडर वोट भी नहीं समेट सके। अनुसूचित वोटर में भाजपा ने सेंध लगाई, वहीं अल्पसंख्यक मतदाताओं ने इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी को इकतरफा वोट किया। इस सबके बीच ब्राह्मण बहुल महसी विधानसभा में जबर्दस्त वोटिंग ने भाजपा को बड़ी उम्मीद दी है।
खीरी : हाथी ने संघर्ष को त्रिकोणीय बनाया
खीरी सीट पर दो बार के सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और सदर विधायक रह चुके इंडिया गठबंधन प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा के बीच मतदान से पहले तक राजनीतिक विरोध में सीधी टक्कर के समीकरण मान रहे थे, लेकिन मतदान में हाथी की चाल देखकर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की गुणा-भाग शुरू हो गई है। बहुजन समाज का कैडर बसपा को और मुस्लिम वोट इंडी गठबंधन को मिलने की चर्चाएं हैं। बसपा ने यहां सिख समुदाय के प्रत्याशी अंशय कालरा को मैदान में उतारा है। इससे परिणाम प्रभावित होगा।
सीतापुर : नाव से पहुंचे मतदाता
यहां तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए मतदान के दिन मतदाता भाजपा व इंडिया गठबंधन में बंटे नजर आए। यहां भाजपा के राजेश वर्मा व सपा के राकेश राठौर के बीच सीधी टक्कर हुई। उम्मीद के अनुसार बसपा के महेंद्र यादव सजातीय वोट भी नहीं हासिल कर सके। अलबत्ता काडर वोट हासिल करने में वह सफल रहे। सेवता इलाके के मतदाताओं ने शारदा नदी पार करने के लिए नाव तक का इस्तेमाल किया।
हरदोई : कोर वोटर तक सिमटी बसपा
हरदोई सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश और सपा प्रत्याशी ऊषा वर्मा के बीच हुआ। बसपा प्रत्याशी अपने कोर वोटर तक ही सिमटे नजर आए। जय प्रकाश की क्षेत्र में अनुपलब्धता को लेकर कुछ इलाकों में मतदाताओं में गुस्सा नजर आया। ऊषा वर्मा पिछले दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं। अपना आखिरी चुनाव बताकर उन्होंने मतदाताओं से सहयोग मांगा था। यह मुद्दा उनके पक्ष में जाता दिखा। सपा और भाजपा प्रत्याशी पासी बिरादरी से आते हैं, लेकिन पासी वोट सपा की ओर जाते दिखे।
कानपुर : भाजपा और कांग्रेस में संघर्ष
कानपुर में भाजपा और इंडी गठबंधन के प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला है। बसपा मुकाबले में नजर नहीं आई। इस बार जीत के अंतर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मतदान प्रतिशत के रुझान को देखें तो महानगर सीट पर शाम छह बजे तक पिछली बार की अपेक्षा दो प्रतिशत वोट बढ़ा है। कानपुर में कई जगह इंडिया और भाजपा समर्थकों में बहस भी हुई।
उन्नाव : मोदी फैक्टर कारगर
उन्नाव लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी साक्षी महाराज और सपा प्रत्याशी अन्नू टंडन के बीच रहा। हालांकि, बसपा के प्रत्याशी अशोक पांडेय ने कैडर वोट के अलावा भाजपा के पाले से भी उसका परंपरागत वोट खींचने में सफलता हासिल की। इससे मुकाबला कांटे का हो गया है। यहां मोदी फैक्टर भाजपा के लिए एकबार फिर कारगर साबित हुआ।
कन्नौज : अखिलेश और पाठक में टक्कर
यूपी में चौथे चरण की सबसे चर्चित सीट रही कन्नौज संसदीय क्षेत्र में सोमवार को हुए चुनाव में सपा के अखिलेश यादव और भाजपा के सुब्रत पाठक में सीधी लड़ाई दिखी। बसपा यहां अस्तित्व की लड़ाई लड़ती दिखी। इक्का-दुक्का जगहों पर ही बसपा में उत्साह दिखा। भाजपा के पक्ष में वोट देने पहुंचने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्रेज दिखा। हालांकि, कुछ जगहों पर सत्ता विरोधी लहर का फायदा सपा उठाती दिखी।
मिश्रिख : ध्रुवीकरण का असर नहीं
सीतापुर, हरदोई और कानपुर जिलों की विधानसभा सीटों को मिलाकर बनाई गई मिश्रिख लोकसभा सीट पर सोमवार को मतदान के दौरान भाजपा प्रत्याशी अशोक रावत के समर्थक खुश नजर आए। गठबंधन से संगीता राजवंशी व बसपा से बीआर अहिरवार में संघर्ष दिखा। यहां तमाम प्रयास के बाद भी ध्रुवीकरण नहीं को सका।