राजस्व परिषद के चेयरमैन के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल ने एंटी करप्शन कोर्ट में समर्पण कर दिया। प्रभारी न्यायाधीश रमाकांत प्रसाद ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डोबरियाल की जमानत पर तीन नवंबर को सुनवाई होगी।
विवेकानंद डोबरियाल पर कैसरबाग थाने में केस दर्ज किया गया है। उस पर पद का दुरुपयोग कर कई जिलों में तैनात तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल से संपर्क कर स्थानांतरण, जांच में मदद करने के लिए आर्थिक लाभ लेने का आरोप है। इसके अलावा उसने सरकारी सेवा में तैनाती के दौरान मृत व्यक्ति के नाम से सिम जारी कराकर इस्तेमाल किया था।
डोबरियाल ने सोमवार को कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा कि उच्चतम न्यायालय से उसे तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत मिली है। उसे तीन सप्ताह के अंदर संबंधित कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रभा वैश्य ने विरोध करते हुए कहा कि उन्हें जमानत प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तिथि तय की है। डोबरियाल 31 मार्च को रिटायर हुआ है।