लखनऊ। विधान भवन में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों और विधायी निकाय के सचिवों के कार्यक्रम के चलते तीन दिन के लिए ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है। शहर में वीआईपी मूवमेंट बढ़ जाने से सोमवार को ज्यादातर इलाके भीषण जाम की चपेट में आ गए। वीआईपी के आवागमन के दौरान ट्रैफिक रोकने से जाम की समस्या गहरा गई। हजरतगंज, अयोध्या रोड, कैंट, कैसरबाग, हुसैनगंज, कानपुर रोड सहित अन्य कई इलाकाें में वाहनों की कतार लग गई।
कैंट इलाके में एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को 45 मिनट का समय लगा। कमता में वाहन सुबह से शाम तक रेंगते दिखे। अवध चौराहे पर अंडरपास के कारण डायवर्जन किया गया है। इस कारण कानपुर रोड पर वाहनों का दबाव रहा। पॉलीटेक्निक और मुंशी पुलिया चौराहे पर भी यातायात के दबाव की वजह से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने के लिए निकले लोग काफी देर तक फंसे रहे। स्कूलों की छुट्टी के बाद अव्यवस्था और बढ़ गई। स्कूलों के बाहर सड़क पर वाहन पार्क किए गए थे, जिससे आवागमन और फंस गया।
दो दिन और रहेगा डायवर्जन
विधान भवन में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 86वां और विधायी निकाय के सचिवों का 62वां सम्मेलन दो दिन और चलेगा। इसकी वजह से विधान भवन के आसपास मंगलवार और बुधवार को भी यातायात परिवर्तित रहेगा। पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस एंबुलेंस, शव वाहन, फायर ब्रिगेड और स्कूली वाहनों को निकलवाएगी।
जनता की नहीं परवाह, पीठ थपथपाने की होड़
राजधानी में जाम का कोढ़ अब खाज बन चुका है। जब भी कोई बड़ा आयोजन होता है, शहरवासी रेंगने के लिए मजबूर होते हैं। जब कभी मामला गंभीर होता है, कुछ जिम्मेदारों को इधर से उधर कर कार्रवाई दिखाने की कोशिश की जाती है। हालांकि, जाम की समस्या पर मंथन के लिए बैठकें तो खूब होती हैं, लेकिन समाधान शून्य ही रहता है। इन सब के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी और जन प्रतिनिधि राजधानी में बड़े आयोजन कराने के लिए ज्यादा उतावले रहते हैं। उन्हें इस बात की परवाह भी नहीं होती कि आयोजन में वीआईपी मूवमेंट या लोगों की भीड़ बढ़ने से आम लोगों पर क्या गुजरेगी। उन्हें बस आयोजन सफल दिखाकर अपनी पीठ थपथपाने का सुख याद रहता है।
ऐसा हो इंतजाम तो बने कुछ काम
शहर में ऐसे किसी भी बड़े आयोजन की अनुमति न दी जाए जिसमें वीआईपी आने हों, या फिर भीड़ आने की संभावना हो। ऐसे आयोजन शहर से दूर या आसपास के जिलों में आयोजित किए जाएं।
राजधानी में किसी भी तरह के स्वागत जुलूस या रैली पर पूरी तरह से रोक लगे। ऐसे आयोजन सिर्फ रात 12 बजे से अगली सुबह 4 बजे के बीच आयोजित करने की अनुमति दी जाए।
इकाना स्टेडियम में बड़े मैच के दौरान वहां पहुंचने के लिए सार्वजनिक वाहनों की ही अनुमति दी जाए। निजी वाहनों की पार्किंग स्टेडियम से दूर बाहरी इलाके में कराई जाए।
दिन में भारी वाहनों की शहर में नो एंट्री का कड़ाई से पालन कराया जाए। नियम तोड़ने वाले वाहन सीज किए जाएं।
ई रिक्शा और ऑटो के लिए नए परमिट जारी करने के पहले रूट की समीक्षा की जाए, जिससे एक ही रूट पर वाहनों की भीड़ कम हो।
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
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शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद
शहर के विभिन्न इलाकों में सोमवार को लगा जाम। - फोटो : संवाद