- ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे पेयजल के लिए जरूरी पूरी रकम राज्य सरकार के बजट से उपलब्ध कराई जाए।
- मल्टी लेटरल संस्थाएं, जैसे- विश्व बैंक, एडीबी व जायका आदि से ऋण प्राप्त करने के लिए बजट में फिस्कल स्पेस उपलब्ध कराया जाए।
- वित्तीय संस्थानों, हुडको से ऋण के लिए ग्राम्य विकास विभाग के अधीन किसी संस्था को राज्य सरकार की काउंटर गारंटी दिलाई जाए।
- जल कर से निकालेंगे परियोजना का खर्च।
- पेयजल योजनाओं के संचालन पर होने वाले सामान्य खर्च की प्रतिपूर्ति जलकर/जलमूल्य से की जाएगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कराएगा।
- बुंदेलखंड व विंध्य में एक-एक जिले को सबसे पहले पाइप से पानी।
- मुख्य सचिव ने बुंदेलखंड, विंध्य व काली तथा कृष्णा नदी के समीपवर्ती सभी जिलों में पाइप से पेयजल की आपूर्ति के लिए जिलेवार कार्ययोजना बनाने को कहा है। सबसे पहले बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के एक-एक जिले के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा।