बछरावां (रायबरेली)। नवपुरवा मजरे सेहगों गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को न सिर्फ बछरावां कोतवाली का घेराव किया, बल्कि पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सभी ने व्यापारी की हत्या का खुलासा करने के लिए निर्दोषों को पकड़ कर पीटने व जबरन जुर्म कुबूल करवाने का आरोप लगाया। पुलिस अफसरों ने निर्दोषों पर कार्रवाई न होने का आश्वासन दिया तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
दरअसल, बछरावां कोतवाली क्षेत्र के नया पुरवा मजरे सेहगो गांव निवासी व्यापारी लवकुश चौरसिया की 23 जनवरी की रात हत्या कर दी गई थी। इस घटना का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के जिलाध्यक्ष बिपनेश कुमार की अगुवाई में ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव किया। आरोप लगाया कि बछरावां पुलिस और एसओजी टीम घटना का खुलासा करने के नाम पर निर्दोषों को हिरासत में लेकर उनका उत्पीड़न कर रही है।
पीड़ित विजय कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले एसओजी टीम उन्हें उठाकर कोतवाली ले आई। रस्सी से हाथ पीछे बांधकर उल्टा लटका दिया और जमकर पिटाई की। उनका एक हाथ टूट गया। सविता ने बताया कि उनके पति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जुर्म कुबूल करने का दबाव बना रही है।
गांव की 17 वर्षीय किशोरी का आरोप है कि पुलिस उसका भी उत्पीड़न कर रही है। शुभम ने बताया कि पुलिस उन्हें लगातार कोतवाली लेकर आती है और वहां पर मारपीट करती है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराते हुए भरोसा दिलाया कि किसी निर्दोष का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।