दलित ग्राम प्रधान के पति की हत्या ने शुक्रवार शाम तब नया मोड़ ले लिया जब उसके परिवार ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार पर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अफसरों के अलावा तमाम लोगों के समझाने बुझाने का कोई असर नहीं दिखा। परिवार वालों का कहना था कि जब तक उनकी पुत्री दिल्ली से नहीं आ जाती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
बंदोइया की दलित महिला ग्राम प्रधान के पति अर्जुन का शव शुक्रवार शाम चार बजे के बाद गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचने के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार वालों से बात शुरू की। शुरू में परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार भी हो गए। परिवार वालों के तैयार होने के बाद अर्जुन का शव दफनाने के लिए कब्र भी खोद दी गई। हालांकि इसी बीच अचानक परिवार के लोग एक बार फिर फूट पड़े। परिवार वालों ने यह कहते हुए शव को दफनाने से इंकार कर दिया कि जब तक उनकी दिल्ली में रह रही पुत्री पुनीता घर नहीं आ जाती वे किसी को इसकी अनुमति नहीं देंगे।
अंतिम संस्कार न होने से प्रशासन परेशान, परिवार को समझाने की कोशिश
परिवार वालों के यह कहते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने दोबारा परिवार वालों को समझाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने परिवर वालों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया लेकिन परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। परिवार द्वारा अंतिम संस्कार से इंकार करने के बाद प्रशासनिक अमला परेशान है।
इस तरह दिया घटना को अंजाम, पुलिस को फोन पर मिली सूचना
अमेठी में मुंशीगंज थाने के बंदोइया गांव में गुरुवार रात दबंगों ने दलित महिला ग्राम प्रधान के पति का अपहरण कर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। घटना में गंभीर रूप से झुलसे प्रधान पति की इलाज के दौरान मौत हो गई। नाबालिग समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया है।
भेटुआ ब्लॉक के गांव बंदोइया की ग्राम प्रधान छोटका के पति अर्जुन प्रसाद कोरी (50) गुरुवार शाम घर से बाजार के लिए निकले थे। रात दस बजे तक वापस नहीं लौटने पर परिवारीजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी बीच रात 11:56 बजे गांव के ही आशीष त्रिपाठी ने पुलिस को फोन कर बताया कि उनके घर के पीछे स्थित परिसर में कोई जल रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति की पहचान अर्जुन के रूप में हुई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से अर्जुन को तत्काल सीएचसी पहुंचाया। जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से ट्रामा सेंटर ले जाते समय अर्जुन की रास्ते में मौत हो गई।
आग की लपटों में घिर जाने के बाद आरोपी मौके से भागे
ग्राम प्रधान के मुताबिक बाजार से निकलने के दौरान राजेश मिश्र, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, रविशंकर व संतोष कुमार त्रिपाठी के अलावा एक नाबालिग ने उनके पति का अपहरण कर लिया। अपहरण करने वाले अर्जुन को लेकर कृष्ण कुमार के घर के पीछे बाउंड्रीवॉल से घिरे परिसर में पहुंचे और उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। उसके आग की लपटों में घिर जाने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले थे।
उधर, दलित महिला ग्राम प्रधान के पति के साथ हुई इस घटना की जानकारी होते ही डीएम अरुण कुमार, एसपी दिनेश सिंह व अन्य अफसर फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और साक्ष्य एकत्र करने के साथ शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर एक प्लास्टिक की अधजली बोतल बरामद की है। एसपी ने बताया कि ग्राम प्रधान की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर पुलिस ने कृष्ण कुमार, संतोष व नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। शेष दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।