विक्रम कोठारी व राहुल कोठारी।
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सात बैंकों के 3695 करोड़ रुपये का बकाया न चुकाने के आरोपी रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी व उसके पुत्र राहुल कोठारी को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एमपी. चौधरी ने 21 मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने विक्रम कोठारी की ओर से दी गई अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी, जबकि विक्रम व राहुल की ओर से दी गई नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 14 मार्च की तारीख तय की है।
इससे पहले आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपी विक्रम की ओर से नियमित व अंतरिम जमानत अर्जी जबकि राहुल की ओर से नियमित जमानत की अर्जी दी गई। कोर्ट ने जहां नियमित जमानत पर सुनवाई की तारीख तय कर दी, वहीं विक्रम कोठारी की अर्जी पर सुनवाई की।
विक्रम कोठारी की अर्जी पर बहस करते हुए बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि कोठारी 71 वर्ष का वृद्ध व्यक्ति है। वह मधुमेह समेत कई अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं। कहा गया कि कस्टडी रिमांड के दौरान विक्रम की हालत बिगड़ गई थी, जिस कारण उसे एम्स में भर्ती कराया गया। आरोपी के भागने का खतरा नहीं है और न ही किसी गवाह या साक्ष्य को धमकाने की आशंका है। लिहाजा, उसे अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।
सीबीआई की ओर से कहा गया कि आरोपी को कस्टडी रिमांड के दौरान समुचित इलाज उपलब्ध कराया गया है और अभी उसकी स्थिति बिल्कुल सामान्य है। साथ ही जेल में इलाज की उचित व्यवस्था है। अत: अंतरिम जमानत न दी जाए। कोर्ट ने विक्रम कोठारी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपी के जेल में समुचित इलाज व देखभाल के लिए जेल अधिकारियों को सूचना दी जाए।