रिचा के मुताबिक वह वारदात के दूसरे दिन ही पुलिस के सामने आना चाहती थी। लेकिन उसका बड़ा बेटा बीमार था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि कहीं पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी तो उसके बड़े बेटे की देखरेख कौन करेगा। 5 दिनों तक वह निर्माणाधीन कांप्लेक्स की छत पर रही इसके बाद अपने घर की तरफ रुख किया तो घर के पास कुछ दूरी पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया इस दौरान उसका बड़ा बेटा भी साथ में था। लेकिन उसके जूते का फीता खुल गया था वह फीता बांध रहा था। इसी दौरान पुलिस ने छोटे बेटे और रिचा को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और पास के एक रास्ते से होते हुए दूसरी तरफ चला गया।
बच्चों को पढ़ाने और काबिल बनाने के लिए अलग रहती थी
रिचा के मुताबिक उसके बच्चे पढ़ने में होनहार थे उन पर पिता की गलत गतिविधियों का साया न पड़े। इसके लिए वह अलग रहने लगी। ताकि बच्चे पढ़ लिखकर काबिल बन सके बड़ा बेटा एमबीबीएस के 3 साल की पढ़ाई पूरी कर चुका है। वहीं छोटा बेटा भी हाई स्कूल में 91% अंकों के साथ पास हुआ है।
रिचा ने बताया कि विकास दुबे से शादी के 2 साल बाद अलग होकर अपने मायके शास्त्री नगर में रहने लगी थी। 7 साल मां के साथ रही उसके बाद लखनऊ आ गई। लखनऊ में विकास दुबे का आना जाना था। कभी वह एक दिन तो कभी दो दिन रुक कर फिर वापस गांव चला जाता था।
रिचा का और बच्चों का गांव आना जाना भी सिर्फ किसी विशेष आयोजन पर ही होता था। रिचा के मुताबिक करोड़ों की संपति होने का दावा किया जा रहा है। जो गलत है ईडी इसकी जांच कर रही है। हकीकत जो भी होगी सामने आ जाएगी। उसे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।