विधानसभा चुनाव 2022 का विधिवत शंखनाद होने में महज छह महीने बचे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतकर गांव-गांव पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के बाद पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के बीच भाजपा सरकार और संगठन ने मिशन-2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए कोरोना की दूसरी लहर से उत्पन्न परिस्थितियों, किसानों और कर्मचारियों की नाराजगी दूर करने तथा पंचायत चुनाव में हुए नुकसान की भरपाई का खाका खींचा गया है, वहीं मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे के आधार पर वोट बैंक सहेजने की रणनीति बनाई गई है।
विज्ञापन
रणनीति के पहले चरण में 15 जुलाई तक सेवा सरोकार के कार्य कराएं जाएंगे। 15 जुलाई के बाद पार्टी विधिवत पूरी तरह मिशन-2022 विजय को लेकर चुनावी मैदान में उतर जाएगी। गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें कर रणनीति को जमीन पर उतारेंगे।
विधानसभा चुनाव 2022 का विधिवत शंखनाद होने में महज छह महीने बचे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतकर गांव-गांव पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के बाद पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करेगी।
विज्ञापन
सरकार के मंत्री, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिये जनता के बीच जाकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से किए उपायों, कोरोना काल में दी गई आर्थिक मदद और पार्टी के जनसेवा के कार्यों को बताकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास करेंगे।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक की समाप्ति, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, धार्मिक स्थलों पर सरकार की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी देकर राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देंगे। जानकारी के मुताबिक जेपी नड्डा और बीएल संतोष आगामी दिनों में अवध, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर, काशी और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रों में मंथन बैठकें करेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ क्षेत्रीय टीम मौजूद रहेगी। क्षेत्रवार मंथन बैठक में वर्तमान विधायकों की स्थिति, सरकार के कामकाज की स्थिति, स्थानीय समस्याओं, मुद्दों और जरूरतों पर मंथन किया जाएगा।
विधानसभा संयोजक व प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे
विधानसभा चुनाव के लिए हर विधानसभा क्षेत्र पर विधानसभा संयोजक और प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। पार्टी ने हर जिले से विधानसभा संयोजक और प्रभारी के लिए तीन-तीन नाम मांगे है। विधानसभा संयोजक उसी जिले के होंगे जबकि प्रभारी आसपास के जिलों के कार्यकर्ता नियुक्त किए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में कुछ कार्यकर्ताओं को तीन से चार महीने के लिए पूर्णकालिक विस्तारक नियुक्त कर सकती है।
पार्टी ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों के साथ निर्वाचन क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर प्रवास कर कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद स्थापित करने, फीडबैक लेकर समस्याओं का समाधान करने और कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा है। विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में यही काम करने को कहा गया है।
भाजपा विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन से पहले तीन स्तर पर सर्वे कराएगी। सर्वे में वर्तमान विधायक की जनता के बीच छवि, स्थानीय मुद्दे, विधायक के प्रति नाराजगी का कारण, जातीय संतुलन के हिसाब से संभावित मजबूत दावेदार और स्थानीय समस्याओं का फीडबैक लिया जाएगा। प्रदेश से लेकर केंद्रीय नेतृत्व और सरकार अपनी अलग-अलग एजेंसी से सर्वे कराने की तैयारी कर रहे हैं।