विधानमंडल के दोनों सदनों के पटल पर सोमवार को छह विधेयक भी रखे गए।
इनमें उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2013, उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति की क्षति निवारण) विधेयक 2013, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक 2013, उत्तर प्रदेश गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2013, उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक 2013 तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) विधेयक 2013 शामिल हैं।
इन विधेयकों में की गई व्यवस्थाएं सरकार ने अध्यादेश के जरिये पहले ही लागू कर रखी हैं। अब इन्हें अधिनियम का रूप देने के लिए विधेयक के रूप में सदन में लाया गया है।
गोसेवा आयोग में अधिकारी अध्यक्ष नहीं
बसपा सरकार ने गोसेवा आयोग में व्यवस्था बदलकर गैर सरकारी सदस्य के बजाय पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव को आयोग का अध्यक्ष और किसी गैर सरकारी व्यक्ति को उपाध्यक्ष नामित करने की व्यवस्था कर दी थी।
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सपा सरकार ने अध्यादेश लाकर बसपा सरकार की इस व्यवस्था को खत्म करके पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। सरकार ने फैसला किया है कि कोई गैर सरकारी व्यक्ति ही आयोग का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष नामित होगा। सपा सरकार का तर्क है कि किसी जनप्रतिनिधि को किसी अधिकारी के अधीन नहीं रखा जा सकता।
महिला आयोग में ज्यादा सदस्य
राज्य महिला आयोग को अधिक उपयोगी बनाने के तर्क के साथ सपा सरकार ने पिछले दिनों यह व्यवस्था की है कि महिला आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और 25 सदस्य नामित होंगी।
पहले सदस्यों की संख्या सिर्फ 17 ही थी। सरकार ने अध्यादेश के जरिये ही दोनों संस्थाओं में अधिनियम के व्यवस्थाओं को पहले से लागू कर रखा है। प्रस्तावित विधेयक में महिला आयोग की सदस्य की न्यूनतम आयु 32 के बजाय 25 वर्ष करने का प्रावधान कर दिया गया है।
डॉक्टरों से मारपीट संज्ञेय अपराध
उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिचर्या सेवा कर्मी और चिकित्सा परिचर्या सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति की क्षति निवारण) विधेयक, 2013 में चिकित्सा कार्यों में लगे लोगों से मारपीट को संज्ञेय अपराध बनाने की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत चिकित्सा कार्यों से जुड़े लोगों से मारपीट या अन्य किसी प्रकार की हिंसा करना गैर जमानती अपराध माना जाएगा। इसमें तीन वर्ष की सजा दी जा सकेगी।
गौतम विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल घटाने व रिटायरमेंट की उम्र तय
उत्तर प्रदेश गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2013 में गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा के लिए कुलपति के कार्यकाल को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष करने और सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के अनुसार अब कुलाधिपति को इस विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भी कार्रवाई का अधिकार होगा।
व्यापारियों को राहत
उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2013 में व्यापारियों को राहत देने का प्रावधान है। व्यापारियों के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के फॉर्म व व्यवस्थाओं का सरलीकरण कर दिया गया है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है और विभिन्न मामलों में अपील करने की अवधि बढ़ा दी गई है। यह व्यवस्था भी अध्यादेश के जरिये लागू की जा चुकी है। अब इसका कानून बना देने का प्रस्ताव है।
उप्र लोक सेवा के अधिकरणों के अध्यक्षों का रिटायरमेंट अब 70 वर्ष पर
उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण) (संशोधन) विधेयक 2013 में अधिकरणों के अध्यक्षों की सेवानिवृत्ति आयु 67 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की व्यवस्था की गई है।
सरकार का तर्क है कि सामान्य तौर पर अधिकरणों के अध्यक्षों की सेवानिवृत्ति आयु 70 वर्ष ही होती है। कारण, अधिकरणों के अध्यक्ष अधिकतर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ही होते हैं।
इनके अनुभवों का लाभ उठाने के लिए सरकार ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का कानून बनाने का फैसला किया है।