समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमैया राना ने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ की जा रही है। कुछ लोगों ने आई लव मोहम्मद लिखे बैनर का विरोध कर दिया, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस की कार्यवाही लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करती है।
'पैगंबर मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश' के जश्न के दौरान कानपुर में आई लव मोहम्मद लिखा फ्लैक्स लगाने पर 2 मुस्लिम युवाओं एफआईआर हो गई। इसके खिलाफ लखनऊ में शनिवार को महिलाओं ने विधानभवन के सामने प्रदर्शन किया। सभी महिलाएं आई लव मोहम्मद लिखी तख्तियां लेकर पहुंचीं। महिलाओं की मांग है कि एफआईआर वापस ली जाए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच धक्कामुक्की और नोकझोंक हुई। पुलिस ने सभी को बस में लाद कर ईको गार्डेन रवाना कर दिया।
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समाजवादी पार्टी की महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व शायर मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना की अगुवाई में महिलाएं अचानक विधानभवन के गेट नंबर चार के पास पहुंचीं। नारेबाजी करने लगीं। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो बहस शुरू हो गई। महिलाओं को हिरासत में लेकर इको गार्डेन ले जाकर छोड़ दिया।
आई लव मोहम्मद लिखना कब से अपराध हो गया?
सुमैया राना ने कहा, कानपुर के बर्रा में आई लव मोहम्मद का बोर्ड लगाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों पर मुकदमा दर्ज करना बेहद अफसोसनाक है। सवाल उठाया कि आई लव मोहम्मद लिखना कब से अपराध हो गया? आखिर पुलिस ने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सरकार मुसलमानों को फर्जी मुकदमों के जरिए डराने की कोशिश कर रही है।
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कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ की जा रही है। कुछ लोगों ने आई लव मोहम्मद लिखे बैनर का विरोध कर दिया, तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस की कार्यवाही लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने युवाओं पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मेहनाज, शबनम, रेशमा, नसरीन इंतेखाब, अफसर जहां, पायल किन्नर, लता जायसवाल, विजय लक्ष्मी आदि महिलाएं शामिल रहीं।