दो युवकों की हत्या का एक हिंसक वीडियो वायरल हो चला है।
कुछ राजनीतिक दलों पर यह आरोप लग रहे हैं कि वे इन वीडियो का इस्तेमाल दंगे भड़काने के लिए कर रहे हैं।
ये लोग अपने नापाक मंसूबों में कामयाब न हों, फिर से सामुदायिक तनाव न पैदा हों और अब शांति कायम हो जाए, इसलिए यूपी पुलिस ने नया हथकंडा अपनाया है।
यह है मोबाइल के जरिए सीधी चेतावनी का। दरअसल, यूपी पुलिस के डीजीपी देवराज नागर की तरफ से मोबाइल सेवा उपभोक्ताओं को एक मैसेज के जरिए कड़े शब्दों में चेतावनी दी जा रही है।
इसमें लिखा गया है कि दो युवाओं की हैवानियत से की गई हत्या का वीडियो पाकिस्तान का है। इसका मुजफ्फरनगर से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में इसे शेयर करने से बचें।
इस मैसेज में साफ लफ्जों में चेतावनी भी दी गई है कि जिन लोगों ने यह वीडियो शेयर किया उन पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मिल रही जानकारी के मुताबिक यह मैसेज वोडाफोन के उपभोक्ताओं को ही मिला है। गुरुवार शाम को भी इस तरह के दो मैसेज भेजे गए थे। इसमें एक हिंदी में और दूसरा अंग्रेजी में था। हालांकि, उसमें यूपी डीजीपी नहीं लिखा था।
पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मुजफ्फरनगर व आसपास के इलाकों में हिंसा का दौर थमने के बावजूद भड़काऊ वीडियो क्लिप व सीडी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इसके मद्देनजर डीजीपी देवराज नागर ने वीडियो क्लिप व सीडी को प्रसारित करने वालों की ठोस जानकारी देने वाले को एक लाख तक का इनाम देने की घोषणा की है।