फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: आवेदन न करने पर भी पीड़ित परिवार को मिलेगा योजना का लाभ, जिला प्रशासन करेगा मदद

Mon, 27 Aug 2018 03:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
दैवीय आपदा या सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिवारीजनों की ओर से पहल न करने पर अब सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाला लाभ प्रशासन पीड़ितों को दिलाएगा।
विज्ञापन


यह निर्देश मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने शनिवार को मंडलीय सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि घायल या मृत व्यक्ति के परिवारीजनों ने यदि किसी भी प्रस्तावित सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन नहीं भी किया हो तो भी उसे पात्रता के आधार पर उसका फायदा दिलाया जाना चाहिए।

इसके लिए जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारी खुद ऐसे पीड़ित के परिवारजनों से संपर्क कर संबंधित कल्याणकारी योजना में आवेदन कर लाभ पाने को प्रेरित करने का कार्य सुनिश्चित कराएंगे।
विज्ञापन


मंडलायुक्त ने सभी प्रमुख अस्पतालों के मुख्य प्रवेश द्वार के आस-पास से जुड़े क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने का निर्देश भी दिया है। बैठक में मौजूद विभागीय जिम्मेदारों से कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसे स्थानों पर वाहनों की अवैध पार्किंग न होने दी जाए।

 
विज्ञापन

स्कूली वाहनों के फिटनेस की नियमित तौर पर जांच

- फोटो : डेमो
इसके लिए नगर निगम पुलिस और जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर फुलप्रूफ कार्ययोजना अमल में लाएं। सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि जिन ऑटो बस या टैक्सी को रूट पर चलने का परमिट दिया जाए उनके लिए निर्धारित स्थान पर पार्किंग सुनिश्चित कराने का कार्य भी नगर निगम के साथ मिलकर प्राथमिकता पर कराया जाए।

साथ ही संयुक्त टीम गठित कर मंडलीय क्षेत्र में आने वाले जिलों में दुर्घटना बाहुल्य स्थानों को बतौर ब्लैक स्पॉट की तरह चिह्नित कर सूचीबद्ध कराया जाए। उन्होंने अगली बैठक में ब्लैक स्पॉट स्थलों की तैयार सूची भी प्रस्तुत करने को कहा।

स्कूली वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि से कैमरा, जीपीएस और पैनिक बटन लगाने का काम भी प्राथमिकता पर करा स्कूली वाहनों के फिटनेस की नियमित तौर पर जांच करने को कहा। यह भी कहा कि हेल्मेट और सीट बेल्ट की चेकिंग का अभियान भी औचक निरीक्षण के तहत चले।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें