लखनऊ। केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में वेंटिलेटर न मिलने में मरीज की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बुधवार को बयान दर्ज कराए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने केजीएमयू प्रशासन से चार दिनों में जवाब मांगा है।
बुधवार को पीड़ित परिवार भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) के राष्ट्रीय सचिव मो. सलमान व प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव के साथ केजीएमयू पहुंचा। जान गंवाने वाले मो. अबरार के बेटे सैफ खान ने जांच कमेटी को दिए लिखित बयान में घटना का जिक्र किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा को सौंपा। इसमें मृतक की दिव्यांग बेटी को सरकारी नौकरी और प्रदेश सरकार से 50 लाख रुपये की मदद की मांग की गई। उधर, मो. सलमान और अजय यादव का कहना था कि डॉ. नीरज कुमार ने देखभाल में कोताही बरतते हुए मरीज को समय पर इलाज नहीं मुहैया कराया। मरीज के परिवारीजनों के साथ अभद्रता भी की गई।