कोरोना के चलते अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर जनता में ठंडी पड़ रही उत्सुकता व उत्साह के मद्देनजर विहिप ने स्थापना दिवस के बहाने राम नाम को लेकर फिर गांव-गांव हिंदुत्व का माहौल बनाने की तैयारी की है। इसके लिए अगस्त के दूसरे सप्ताह से हर जिले में कम से कम 100 गांवों में कार्यक्रम करने की योजना बनाई है।
तब तक मंदिर निर्माण शुरू हो गया तो विहिप कार्यकर्ता स्थापना दिवस पर उत्सवों के सहारे गांव-गांव उत्साह का माहौल बनाकर हिंदुत्व का शंखनाद करेंगे, नहीं शुरू हुआ तो मंदिर निर्माण पर आगे की तैयारियां बताएंगे। साथ ही सभी से अयोध्या में निर्माण के दौरान शारीरिक दूरी रखते हुए गांव-गांव भजन-कीर्तन करने का आग्रह करेंगे ।
विहिप की स्थापना 1964 में जन्माष्टमी के दिन हुई थी। तब से विहिप प्रतिवर्ष स्थापना दिवस के सहारे लोगों के बीच हिंदुत्व से जुड़े मुद्दे पर जनजागरण करती चली आ रही है। इस बार विहिप के स्थापना दिवस कार्यक्रम 9 अगस्त से 16 अगस्त के बीच मनाने की योजना बनाई गई है । विहिप ने जिलों के पदाधिकारियों को इस सिलसिले में तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि हर जिले में कम से कम 100 गांवों में स्थापना दिवस कार्यक्रम जरूर किए जाएं ।
ये है वजह
दरअसल, कोरोना महामारी के चलते विहिप की अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण की भव्य शुरुआत से पूरे देश में हिंदुत्व को सान देने की परिकल्पना को परवान चढ़ाने में बाधा आ खड़ी हुई । जिस तरह इस महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है उससे विहिप के रणनीतिकार असमंजस में है ।
सूत्रों के मुताबिक, विहिप और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बीच सलाह-मशविरा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों मंदिर निर्माण की वर्चुअल शुरुआत कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन संतों की मोदी को अयोध्या बुलाकर यह काम कराने के आग्रह पर उसे टालना पड़ा। विहिप व ट्रस्ट लगातार कोशिश में है कि मंदिर निर्माण शुरु हो जाए । परए कोरोना संक्र्तमण के लगातार फैलाव से प्रधानमंत्री के कार्यक्र्तम को लेकर भी अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है ।